वियतनाम में पढ़ाई करेंगे कानपुर के छात्र,राज्यपाल की मौजूदगी में हुआ बड़ा करार
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Kanpur News: सीएसजेएमयू के कुलपति प्रो. विनय पाठक ने कहा कि यह करार अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में एक मील का पत्थर है.अब विश्वविद्यालय के छात्र वियतनाम की यूनिवर्सिटियों में पढ़ाई कर सकेंगे और वियतनाम के छात्र कानपुर आकर किसी भी कोर्स में दाखिला ले सकेंगे
कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के छात्रों के लिए अब विदेश में पढ़ाई के नए अवसर खुल गए हैं. विश्वविद्यालय ने वियतनाम की दो प्रमुख यूनिवर्सिटियों—ह्यूटेक यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी और यूईएफ यूनिवर्सिटी ऑफ इकोनॉमिक्स एंड फाइनेंस—के साथ एक अहम करार किया है. यह करार गुरुवार को लखनऊ राजभवन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मौजूदगी में हुआ.इस मौके पर सीएसजेएमयू के कुलपति प्रो. विनय पाठक, वियतनाम से आए शिक्षाविद और विश्वविद्यालय प्रतिनिधि भी मौजूद रहे.
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने इस करार को भारत और वियतनाम के बीच शैक्षणिक रिश्तों के एक नए अध्याय की शुरुआत बताया. उन्होंने कहा कि इस समझौते से दोनों देशों के युवाओं को एक-दूसरे के शिक्षा तंत्र और संस्कृति को समझने का अवसर मिलेगा.इससे दोनों देशों के बीच शिक्षा और शोध के क्षेत्र में गहरा सहयोग बढ़ेगा.
सीएसजेएमयू के वीसी बोले, मील का पत्थर साबित होगा करार
सीएसजेएमयू के कुलपति प्रो. विनय पाठक ने कहा कि यह करार अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में एक मील का पत्थर है.अब विश्वविद्यालय के छात्र वियतनाम की यूनिवर्सिटियों में पढ़ाई कर सकेंगे और वियतनाम के छात्र कानपुर आकर किसी भी कोर्स में दाखिला ले सकेंगे.उन्होंने बताया कि फैकल्टी सदस्यों को भी दोनों देशों के शिक्षण संस्थानों में अध्यापन और शोध का मौका मिलेगा.
संयुक्त शोध और प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे शुरू
प्रो. पाठक ने बताया कि तीनों संस्थानों के विशेषज्ञ अब मिलकर नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए काम करेंगे. संयुक्त शोध परियोजनाएं बनाई जाएंगी, जिनसे छात्रों को वियतनाम में रिसर्च का अवसर मिलेगा. साथ ही फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम, प्रशिक्षण शिविर, सेमिनार और कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी.
विदेशी छात्रों को भी मिलेगा मौका
कुलपति ने कहा कि इस समझौते के बाद सीएसजेएमयू में वियतनाम के छात्र भी पढ़ाई कर सकेंगे.इससे कैंपस में अंतरराष्ट्रीय माहौल बनेगा और छात्रों का दृष्टिकोण व्यापक होगा.उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय सहयोग से सीएसजेएमयू प्रदेश के अग्रणी विश्वविद्यालयों में अपनी अलग पहचान बनाएगा.