सर्दियों में कितनी चाय पीना सही, ग्रीन टी ज्यादा अच्छी या वाइट, दूध वाली कितनी डेंजर, जानें सबकुछ

0
सर्दियों में कितनी चाय पीना सही, ग्रीन टी ज्यादा अच्छी या वाइट, दूध वाली कितनी डेंजर, जानें सबकुछ


Last Updated:

Health tips for tea lovers : चाय की नेचुरल वैरायटीज में मुख्य रूप से वाइट टी, ग्रीन टी और ब्लैक टी शामिल हैं. वाइट टी सबसे कम प्रोसेस की जाती है. यह चाय के सबसे कोमल और युवा पत्तों से बनाई जाती है. इसमें ऑक्सीडेशन बहुत कम होता है. ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो शरीर के अंदर मौजूद फ्री रेडिकल्स को खत्म करने में मदद करते हैं. भोजन के बाद चाय पीने से शरीर में कैफीन का स्तर बढ़ जाता है. इससे पाचन तंत्र कमजोर पड़ता है.

अलीगढ़. सर्दियों के मौसम में चाय का सेवन आम हो जाता है. कई लोग दिन की शुरुआत से लेकर शाम तक बार-बार चाय पीते हैं, लेकिन क्या हर तरह की चाय सेहत के लिए फायदेमंद होती है? इसी सवाल पर एएमयू के एग्रीकल्चर माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट शोधकर्ता शिरजील अहमद सिद्दीकी ने चाय की विभिन्न किस्मों, उनके फायदों और नुकसान को लेकर अहम बातें बताईं. दूध वाली चाय की तुलना में ग्रीन, वाइट और ब्लैक टी किस तरह सेहत पर अलग-अलग असर डालती हैं और दिन में कितनी चाय पीना सही रहता है. शोधकर्ता शिरजील अहमद सिद्दीकी ने बताया कि सबसे ज्यादा प्रचलित दूध वाली चाय है, लेकिन इसके कई नुकसान हैं. दूध वाली चाय शरीर में एसिडिटी बढ़ा देती है और नर्वस सिस्टम को जरूरत से ज्यादा एक्टिव कर देती है. इसके कारण खाने का पाचन देर से होता है. अगर भोजन के बाद चाय पी जाए तो शरीर में कैफीन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे पाचन तंत्र की क्रिया कमजोर पड़ जाती है.

खाने से पहले चाय पीने पर आंतों में पोषक तत्वों का अवशोषण भी कम हो जाता है. दूध वाली चाय दिल से जुड़ी बीमारियों और ब्लड प्रेशर भी बढ़ाती है. शोधकर्ता शिरजील बताते हैं कि अगर चाय के दूसरे विकल्पों की बात करें तो ग्रीन टी अपेक्षाकृत बेहतर मानी जाती है. ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो शरीर के अंदर मौजूद फ्री रेडिकल्स को खत्म करने में मदद करते हैं. इससे न केवल शरीर की सेहत बेहतर रहती है, बल्कि स्किन की ओवरऑल हेल्थ पर भी सकारात्मक असर पड़ता है.

कितने कप पीना सही

इसके बाद ग्रीन टी आती है, जो वाइट और ब्लैक टी के बीच की श्रेणी में है. इसमें हल्की प्रोसेसिंग होती है और यह परिपक्व पत्तों से बनाई जाती है. ग्रीन टी में मेटाबोलाइट्स की मात्रा अधिक होती है. ये मेटाबोलाइट्स सक्रिय रासायनिक तत्व होते हैं. जो चाय के स्वाद और उसकी सेहत से जुड़ी गतिविधियों के लिए जिम्मेदार हैं. जहां तक चाय की मात्रा का सवाल है तो एक सामान्य व्यक्ति को दिन में अधिकतम दो कप चाय ही पीनी चाहिए, ताकि फायदा मिले और नुकसान से बचा जा सके.

About the Author

Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

homeuttar-pradesh

कितनी चाय पीना सही, ग्रीन टी ज्यादा अच्छी या वाइट, दूध वाली कितनी डेंजर, जानें



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *