सहारनपुर के आम को कीटों से बचाएगी फ्रूट बैग कवर तकनीक, मिलेगा दोगुना मुनाफा
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Saharanpur Mango Farming: सहारनपुर की प्रसिद्ध ‘मैंगो बेल्ट’ में आम को कीटों और फफूंदी से बचाने के लिए कृषि विशेषज्ञों ने ‘फ्रूट बैग कवर’ तकनीक अपनाने की सलाह दी है. कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. आईके कुशवाहा के अनुसार, यह तकनीक बिना रसायनों के उपयोग के फल मक्खी और मिलीबग जैसे कीटों पर प्रभावी लगाम लगाती है. इससे आम की गुणवत्ता बेदाग रहती है, जिससे किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक्सपोर्ट के लिए प्रीमियम दाम मिल सकते हैं. यह तकनीक सुरक्षित और मुनाफे वाली खेती का आधार है.
सहारनपुर: अपनी मिठास के लिए दुनिया भर में मशहूर सहारनपुर का आम अब और भी खास होने जा रहा है. अक्सर आम के बागबान फल मक्खी, फफूंदी और विभिन्न कीटों के प्रकोप से परेशान रहते हैं, जिससे फसल की गुणवत्ता और दाम दोनों गिर जाते हैं. लेकिन अब किसानों को महंगे और हानिकारक रसायनों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है. कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों ने एक ऐसी ‘जादुई’ तकनीक साझा की है, जो न केवल आम को कीटों से बचाएगी, बल्कि उसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक्सपोर्ट करने लायक ‘प्रीमियम क्वालिटी’ का भी बनाएगी.
केमिकल नहीं, अब तकनीक बचाएगी फसल
सहारनपुर, जिसे देश की प्रमुख ‘मैंगो बेल्ट’ कहा जाता है, यहाँ के किसान सैकड़ों प्रकार के आम की वैरायटी उगाते हैं. यहाँ का आम भारत ही नहीं बल्कि विदेशों तक अपनी मिठास बिखेरता है. हालांकि, बौर आने से लेकर फल पकने की प्रक्रिया के बीच कीट और फफूंदी किसानों की मेहनत पर पानी फेर देते हैं. इनसे बचने के लिए किसान भारी मात्रा में रासायनिक दवाओं का छिड़काव करते हैं, जिससे कीट तो मर जाते हैं लेकिन फल की प्राकृतिक गुणवत्ता प्रभावित होती है और बाजार में सही दाम नहीं मिल पाते.
क्या है फ्रूट बैग कवर तकनीक?
अगर आपके भी आम के पेड़ों पर फल मक्खी, उड़ने वाले कीट और फफूंदी का प्रकोप हर साल होता है, तो ‘फ्रूट बैग कवर’ आपके लिए सबसे सटीक समाधान है. कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉक्टर आईके कुशवाहा ने बताया कि वर्तमान में आम के बौर में पुष्प अवस्था चल रही है. इस समय हवा से फैलने वाली फफूंदी, एंथ्रेकनोज, सूटी मोल्ड और मैंगो मिलीबग जैसे भयंकर कीट सक्रिय हो जाते हैं.
डॉ. कुशवाहा के अनुसार, ‘फ्रूट बैग कवर एक विशेष कागज का कवर होता है, जो फल को चारों ओर से सुरक्षित कर लेता है. यह तकनीक न केवल नमी और कीटों को अंदर जाने से रोकती है, बल्कि बाहरी हवा से होने वाले फफूंदी के संक्रमण को भी खत्म कर देती है.’
एक्सपोर्ट क्वालिटी के लिए सबसे कारगर
यह तकनीक उन किसानों के लिए वरदान है जो एक्सपोर्ट क्वालिटी का आम उगाना चाहते हैं. कागज के कवर में बंद होने के कारण फल पर किसी भी बाहरी तत्व का सीधा असर नहीं पड़ता, जिससे फल की त्वचा एकदम साफ और बेदाग रहती है. डॉक्टर कुशवाहा ने ‘लोकल 18’ से खास बातचीत में स्पष्ट किया कि यदि किसान इस बैगिंग तकनीक का इस्तेमाल करते हैं, तो आम में किसी भी प्रकार के कल्टीवेशन की संभावना कम हो जाती है और फल पूरी तरह से सुरक्षित रहता है. इससे किसानों को न केवल घरेलू बाजार में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतरीन दाम मिल सकते हैं.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें