साथ जीना-साथ मरना! यूपी का राजकीय पक्षी सिखा रहा वफादारी का पाठ, जानें सारस की खासियत

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साथ जीना-साथ मरना! यूपी का राजकीय पक्षी सिखा रहा वफादारी का पाठ, जानें सारस की खासियत


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Pilibhit News : पीलीभीत के खेतों और वेटलैंड्स में नजर आने वाला यूपी का राजकीय पक्षी सारस जीवनभर एक ही साथी के साथ रहकर प्रेम और वफादारी की अनोखी मिसाल पेश करता है. साथी के बिछड़ने पर उसका करुण विलाप और बराबरी से जिम्मेदारियां निभाना इंसानों को भी सीख देता है.

पीलीभीत : पीलीभीत जिले की पहचान सिर्फ बाघों से नहीं, बल्कि यहां के खुले आसमान और धान के खेतों में नजर आने वाले एक खास पक्षी से भी है. जहां आज के दौर में रिश्ते और वफ़ादारी कमजोर पड़ती दिखती है, वहीं पीलीभीत के ग्रामीण इलाकों में पाए जाने वाला यह पक्षी प्यार की ऐसी मिसाल पेश करता है जिसे देखकर इंसान भी हैरान रह जाते हैं. दरअसल, हम जिस पक्षी की बात कर रहे हैं वह और कोई नहीं यूपी का राज्य पक्षी सारस है.

सारस की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वे पूरी जिंदगी सिर्फ एक ही साथी के साथ बिताते हैं. एक बार जोड़ा बन जाने के बाद, वे कभी एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ते. उन्हें अक्सर खेतों में साथ टहलते, साथ उड़ते और साथ खाना खोजते देखा जा सकता है. सारस के प्रेम की सबसे भावुक कर देने वाली बात उनका बिछड़ना है.

घंटों करता है करुण विलाप
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी दुर्घटना में एक साथी की मौत हो जाती है, तो दूसरा साथी उस स्थान को छोड़कर नहीं जाता. वह घंटों अपने मृत साथी के पास बैठकर करुण विलाप करता है. कई बार तो दूसरा सारस वियोग में खाना-पीना त्याग देता है और अपने साथी के गम में खुद भी दम तोड़ देता है. यही कारण है कि इन्हें प्रेम का सबसे बड़ा प्रतीक माना गया है.

साथ-साथ निभाते हैं बराबर की जिम्मेदारी
सारस के जोड़ों का प्रेम केवल साथ घूमने तक सीमित नहीं है. घोंसला बनाने से लेकर अंडों की सुरक्षा और बच्चों को पालने तक, नर और मादा दोनों बराबर की जिम्मेदारी निभाते हैं. पीलीभीत के किसान भी इस प्रेम का सम्मान करते हैं. अक्सर देखा गया है कि यदि किसी खेत में सारस ने घोंसला बनाया है, तो किसान उस हिस्से की फसल काटते समय बहुत सावधानी बरतते हैं ताकि इस जोड़े का घर न उजड़े.

पीलीभीत में तेजी से बढ़ रहा है सारस का कुनबा
तराई के जिले पीलीभीत में बाघ, तेंदुआ और दूसरे वन्यजीवों के साथ ही राज्य पक्षी सारस का कुनबा भी बढ़ रहा है. बीते दिनों शासन के निर्देश पर दो दिन तक चली सारस गणना के बाद वन एवं वन्यजीव प्रभाग ने परिणाम जारी किए थे. डीएफओ भरत कुमार डीके द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक जनपद के विभिन्न वेटलैंड्स में 98 सारस पाए गए हैं, जिनमें 09 अल्प वयस्क सारस शामिल हैं.

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mritunjay baghel

मीडिया क्षेत्र में पांच वर्ष से अधिक समय से सक्रिय हूं और वर्तमान में News-18 हिंदी से जुड़ा हूं. मैने पत्रकारिता की शुरुआत 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव से की. इसके बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड चुनाव में ग्राउंड…और पढ़ें

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