साल बदलते ही पीलीभीत के किसानों के लिए टला ये बड़ा खतरा, वन विभाग ने भी ली चैन की सांस
Last Updated:
Pilibhit News: पीलीभीत में गन्ना कटाई के बीच किसानों को हाथियों से अस्थायी राहत मिली है. महोफ रेंज से सटे गांवों में हाथियों की आवाजाही थम गई है. वन विभाग के अनुसार झुंड जंगल के अंदर चला गया है. फिलहाल किसान बिना डर खेतों में काम कर रहे हैं, हालांकि निगरानी जारी है.
पीलीभीत. आमतौर पर गन्ना कटाई सीजन के दौरान पीलीभीत के तमाम इलाकों के किसान बाघ की दहशत के साए में जीते हैं. मगर इस बार बाघ के खतरे के साथ ही साथ हाथियों की चहलकदमी भी किसानों की नींद उड़ाए हुए है. हालांकि नए साल में किसानों को अस्थाई राहत मिली है. पिछले कुछ दिनों से हाथी रिहायशी इलाकों से दूर चले गए हैं. दरअसल पीलीभीत टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज से सटे गांवों में पिछले कुछ दिनों से जारी हाथियों की आवाजाही अब थम गई है.
पिछले कुछ समय से हाथियों का एक झुंड बीच-बीच में जंगल से बाहर निकलकर खेतों की ओर आ रहा था, जिससे इलाके के किसान अपनी फसलों को लेकर चिंतित थे. इस दौरान हाथियों ने जंगल की सुरक्षा के लिए लगाई गई फेंसिंग को भी कुछ जगहों पर क्षतिग्रस्त कर दिया था और खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचाया था. जंगल किनारे बसे गांवों में हाथियों की इस चहलकदमी के कारण किसान अपनी खेती-किसानी के काम को लेकर काफी परेशान थे. राहत की बात यह है कि पिछले दो-तीन दिनों से हाथियों का यह झुंड इलाके में नहीं देखा गया है. वन विभाग के अनुसार, हाथी अब आबादी वाले क्षेत्रों से दूर जंगल के भीतरी हिस्सों में चले गए हैं. हाथियों के वापस लौटने से सीमावर्ती गांवों के किसानों ने राहत की सांस ली है और अब वे बिना किसी डर के अपने खेतों में काम कर पा रहे हैं. हालांकि वन विभाग की टीमें अभी भी एहतियात के तौर पर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, ताकि हाथियों के दोबारा आने पर समय रहते कदम उठाए जा सके.
पूरे मामले पर अधिक जानकारी देते हुए पीलीभीत वन एवं वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय निदेशक भरत कुमार डीके ने बताया कि हाथी के लिहाज से संवेदनशील इलाकों में निगरानी लगातार जारी है. साथ ही किसानों को भी जागरूक किया जा रहा है.
About the Author
पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें