सावधान! गाजियाबाद में खूंखार हुए कुत्ते, एक महीने में 6180 लोग घायल
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Ghaziabad Dog Bite Cases: गाजियाबाद में बढ़ती गर्मी के साथ आवारा कुत्तों का आतंक गहरा गया है. जिला एमएमजी अस्पताल में प्रतिदिन 250 से 300 लोग डॉग बाइट के बाद एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं, जबकि अकेले फरवरी माह में यह आंकड़ा 6,000 के पार पहुंच गया. सड़कों और कॉलोनियों में बढ़ती कुत्तों की आक्रामकता से स्थानीय निवासियों और बच्चों में खौफ का माहौल है. प्रशासन द्वारा नसबंदी अभियान चलाने के बावजूद मामलों में कमी नहीं आ रही है, जो शहर के लिए गंभीर चिंता का विषय है.
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक आम जनता के लिए जी का जंजाल बन गया है. जैसे-जैसे पारा चढ़ रहा है, वैसे-वैसे सड़कों और रिहायशी कॉलोनियों में कुत्तों की आक्रामकता ने लोगों की रातों की नींद और दिन का चैन छीन लिया है. आलम यह है कि जिला एमएमजी अस्पताल में हर दिन 250 से 300 लोग कुत्तों के काटने के बाद एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं. अकेले फरवरी माह के आंकड़े डराने वाले हैं, जहां 6 हजार से अधिक लोग इस खतरे की चपेट में आए. प्रशासन की कोशिशों के बावजूद यह ‘डॉग बाइट’ का ग्राफ थमता नजर नहीं आ रहा है.
गर्मी बढ़ते ही कुत्तों में बढ़ी आक्रामकता
दरअसल, गर्मी बढ़ते ही गाजियाबाद की सड़कों पर इन दिनों सड़कों और कॉलोनियों में डॉग बाइट के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं. हालात ऐसे हैं कि लोग अपने बच्चों को अकेले बाहर भेजने से भी डरने लगे हैं. सुबह-शाम टहलने निकलने वाले लोगों में भी खौफ का माहौल है. शहर के कई इलाकों से लगातार कुत्तों के झुंड द्वारा लोगों पर हमला करने की खबरें आ रही हैं, जिससे आमजन में चिंता और डर दोनों बढ़ रहे हैं.
MMG अस्पताल के डराने वाले आंकड़े
गाजियाबाद के जिला एमएमजी सरकारी अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में लोग एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, यहां प्रतिदिन करीब 250 से 300 मरीज डॉग बाइट के बाद रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंच रहे है. सिर्फ फरवरी महीने की बात करें तो अस्पताल में कुल 6180 मरीज दर्ज किए गए. यह आंकड़ा केवल एक अस्पताल का है जबकि पूरे शहर में स्थिति इससे कहीं अधिक चिंताजनक हो सकती है.
जिले में 170 केंद्रों पर चल रहा टीकाकरण
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, गाजियाबाद में कुल 170 केंद्रों पर रेबीज वैक्सीन लगाई जा रही है. ऐसे में अनुमान लगाया जा सकता है कि पूरे शहर में रोजाना कितने लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो रहे होंगे. डॉक्टरों का कहना है कि गर्मियों में तापमान बढ़ने के साथ कुत्तों का व्यवहार अधिक आक्रामक हो जाता है जिससे डॉग बाइट के मामलों में बढ़ोतरी होती है. खासकर आवारा कुत्तों की संख्या अधिक होने से यह खतरा और बढ़ जाता है.
क्या कहते हैं स्वास्थ्य अधिकारी?
जिला एमएमजी अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि गर्मी के मौसम में डॉग बाइट के मामले हर साल बढ़ते हैं. उन्होंने बताया कि अस्पताल में रोजाना ढाई सौ से तीन सौ लोग एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने आ रहे हैं जो कि चिंताजनक स्थिति है. फरवरी के आंकड़े भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि समस्या लगातार बढ़ रही है.
नगर निगम की कार्रवाई और चुनौतियां
वहीं नगर निगम की ओर से आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं. शहर में तीन एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) केंद्र संचालित किए जा रहे हैं जहां रोजाना करीब 100 कुत्तों की नसबंदी की जा रही है. इसके बावजूद कुत्तों के काटने की घटनाओं में कमी नहीं आ रही है जो प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है. गर्मियों में लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है.
डॉक्टरों की सलाह: लापरवाही पड़ सकती है भारी
बच्चों को खासतौर पर आवारा कुत्तों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है. यदि किसी को कुत्ता काट ले तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाना बेहद जरूरी है क्योंकि समय पर इलाज न मिलने पर रेबीज जैसी खतरनाक बीमारी का खतरा बढ़ सकता है. गाजियाबाद में बढ़ते डॉग बाइट के मामले स्वास्थ्य और नगर प्रशासन दोनों के लिए चिंता का विषय बन गए हैं. जरूरत है कि इस समस्या से निपटने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि लोगों को सुरक्षित रखा जा सके.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें