सीवर ओवरफ्लो से मिलेगी राहत! जानिए वाराणसी की नई मेगा प्लानिंग

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सीवर ओवरफ्लो से मिलेगी राहत! जानिए वाराणसी की नई मेगा प्लानिंग


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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में शहरी विकास को लेकर एक अहम कदम उठाया गया है. नगर निगम के पीआरओ संदीप श्रीवास्तव के मुताबिक, साल 2022 में रामनगर और सुजाबाद को वाराणसी नगर निगम में शामिल किया गया था. इन क्षेत्रों के कई वार्डों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की मांग लंबे समय से की जा रही थी. अब इस योजना की औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं, जिससे विकास कार्यों को रफ्तार मिलने की उम्मीद है.

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वाराणसी. वाराणसी में गंगा पार रामनगर और सुजबाद क्षेत्र में रहने वालो के लिए अच्छी खबर है. इन इलाकों में रहने वालों को जल्द ही शहर जैसी बेहतर सुविधा मिलेगी. इसके लिए यहां नई सीवर और पेयजल की पाइपलाइन बिछाई जाएगी. इस पूरे काम पर करीब 235 करोड़ रुपये खर्च होंगे. शासन से इस पर मंजूरी भी मिल गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही इसकी सौगात दें सकतें है. जानकारी के मुताबिक, पीएम नरेंद्र मोदी होली बाद 8 मार्च को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी आ सकतें है. अपने इसी दौरे के दौरान पीएम इसका शिलान्यास भी कर सकतें है. शिलान्यास के बाद इसका काम भी तेजी से शुरू हो जाएगा. फिलहाल इसके लिए 33.44 करोड़ की पहली किस्त भी शासन ने जारी कर दी है.

नगर निगम के पीआरओ संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि साल 2022 में रामनगर और सुजाबाद को वाराणसी नगर निगम में शामिल किया गया. इन इलाकों के कई वार्डो में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए लंबे समय से मांग भी चल रही थी. अब इस योजना की औपचारिकताएं पूरी हो गई है और नए सीवर लाइन और पेयजल लाइन के लिए पूरा खाका भी तैयार हो गया है. इस नई सीवर लाइन व्यवस्था से सीधे तौर पर तीन लाख की आबादी को इसका फायदा मिलेगा.

13645 घरों को मुक्त कनेक्शन
रामनगर जोन में सीवर नेटवर्क और हर घर को सीवर कनेक्शन से जोड़ने के लिए शासन ने 190 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है. इससे रामनगर के तीनों वार्डों में 69.98 किलोमीटर ब्रांच लाइन और 3.4 किलोमीटर मेन लाइन लाइन के बिछाई जाएगी. इससे 13,645 घरों में सीवर का मुक्त कनेक्शन मुफ्त दिया जाएगा. इसके साथ ही, 10 एमएलडी की एसटीपी, दो सीवर पपिंग स्टेशन भी यहां बनाया जाएगा. वहीं, सूजाबाद जोन में शुद्ध पेयजल आपूर्ति पर 35 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

पानी के लाइन लॉस पर लगेगा लगाम
बताते चलें कि अलग अलग क्षेत्रों में सीवर व पेयजल की पाइप लाइन करीब 200 साल पुरानी है. इसके कारण शहर में सीवर ओवरफ्लो गंभीर बारिश के वक्त बनी रहती है. वहीं, लीकेज होने के कारण 48 प्रतिशत पानी लाइनलॉस होता है. 18 वार्डों में सीवर के साथ-साथ पेयजल की भी नई पाइप लाइन भी बिछने से पानी का लाइन भी कम होगा.

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Madhuri Chaudhary

पिछले 4 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं और फिलहाल News18 में कार्यरत हूं. इससे पहले एक MNC में भी काम कर चुकी हूं. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की बीट कवर करती हूं. खबरों के साथ-साथ मुझे…और पढ़ें



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