सेल टैक्स के पूर्व अधिकारी केशव लाल पर आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज
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कानपुर में सेल टैक्स विभाग के रिटायर्ड एडिशनल कमिश्नर केशव लाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है. विजिलेंस जांच में सामने आया कि उनकी वैध आय करीब 1.34 करोड़ रुपये थी, जबकि खर्च और संपत्ति लगभग 18.27 करोड़ रुपये पाई गई. 2017 की छापेमारी में 10 करोड़ नकद और 3 करोड़ के आभूषण बरामद हुए थे. जांच में कई शहरों में करोड़ों की संपत्तियों का खुलासा हुआ है और मामले की जांच अभी जारी है.
सेल टैक्स विभाग के रिटायर्ड एडिशनल कमिश्नर केशव लाल
कानपुर. शहर में भ्रष्टाचार से जुड़े एक बड़े मामले का खुलासा होने से प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है. सेल टैक्स विभाग के रिटायर्ड एडिशनल कमिश्नर केशव लाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में विजिलेंस विभाग ने केस दर्ज किया है. जांच में सामने आए आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं, जिनसे उनकी वैध आय और वास्तविक संपत्ति के बीच भारी अंतर का खुलासा हुआ है.
जांच में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
विजिलेंस की कानपुर यूनिट में दर्ज एफआईआर के अनुसार, केशव लाल ने अपने पूरे सरकारी करियर में वैध स्रोतों से लगभग 1 करोड़ 34 लाख रुपये की आय अर्जित की. हालांकि जांच में पाया गया कि उन्होंने करीब 18 करोड़ 27 लाख रुपये खर्च किए. इस तरह उनकी आय से लगभग 17 करोड़ 26 लाख रुपये अधिक संपत्ति और खर्च दर्ज किया गया. अधिकारियों का कहना है कि यह अंतर आय के ज्ञात स्रोतों से मेल नहीं खाता और इसी आधार पर मामला दर्ज किया गया है.
2017 की छापेमारी से खुला था मामला
यह मामला पहली बार अप्रैल 2017 में सुर्खियों में आया था, जब इनकम टैक्स विभाग ने नोएडा स्थित उनके आवास पर छापेमारी की थी. उस दौरान करीब 10 करोड़ रुपये नकद और लगभग 3 करोड़ रुपये के आभूषण बरामद किए गए थे. छापेमारी के दौरान नोटों की गड्डियां घर के अलग-अलग हिस्सों में छिपाकर रखी मिली. यहां तक कि पूजा घर और बाथरूम में भी कैश बरामद हुआ था, जिसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया था.
जबरन रिटायरमेंट और लंबी जांच
छापेमारी के बाद मई 2017 में सरकार ने केशव लाल को जबरन रिटायरमेंट दे दिया था. इसके बाद से ही उनकी संपत्तियों को लेकर जांच जारी रही. अगस्त 2023 से विजिलेंस विभाग ने मामले की विस्तृत जांच शुरू की, इस दौरान चंदौली, कानपुर, प्रयागराज, गाजियाबाद और नोएडा में कई संपत्तियों के दस्तावेज मिले. लखनऊ में उनके दो मकान होने की जानकारी भी सामने आई, जबकि अन्य शहरों में कई प्लॉट और प्रॉपर्टी का खुलासा हुआ जिनकी कीमत करोड़ों रुपये आंकी गई है.
मामले को लेकर केस दर्ज, जांच जारी
जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी गई, जहां से केस दर्ज करने की मंजूरी मिल गई. इसके बाद विजिलेंस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कानपुर में मामला दर्ज कर लिया है. अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आगे और संपत्तियों का खुलासा हो सकता है. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि इस पूरे मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं रही. फिलहाल विजिलेंस टीम आगे की कार्रवाई में जुटी है, जबकि अधिकारी कैमरे के सामने कुछ भी कहने से बच रहे हैं.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें