स्कूलों की एक साथ छुट्टी होने से लग जाता था जाम, प्रशासन ने तैयार किया ये प्लान
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पिछले कई महीनों से शहर में स्कूल टाइम के दौरान भारी जाम की समस्या सामने आ रही थी. खासकर सुबह बच्चों को छोड़ने और दोपहर में लेने के समय सड़कों पर लंबी लाइन लग जाती थी. आम लोगों को भी काफी दिक्कत होती थी. इसी को देखते हुए डीएम और ट्रैफिक विभाग ने मिलकर यह नया प्लान तैयार किया. अधिकारियों का मानना है कि आधे-आधे घंटे का गैप रखने से ट्रैफिक अपने आप कंट्रोल हो जाएगा और लोगों को राहत मिलेगी.
कानपुरः कानपुर शहर में बढ़ते जाम से परेशान लोगों को राहत देने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. अब शहर के 81 स्कूल नए समय से चलेंगे. यह व्यवस्था 1 अप्रैल से लागू हो गई है और 30 सितंबर तक जारी रहेगी. इस फैसले का मकसद साफ है. स्कूलों के समय को अलग-अलग करके ट्रैफिक का दबाव कम करना.
प्रशासन ने तीन अलग-अलग टाइम स्लॉट तय किए हैं. अब कुछ स्कूल सुबह 7 बजे खुलेंगे, कुछ 7:30 बजे और बाकी 8 बजे से शुरू होंगे. इसी तरह छुट्टी का समय भी अलग-अलग रखा गया है. स्कूलों की छुट्टी दोपहर 1 बजे, 1:30 बजे और 2 बजे के बीच होगी. इस व्यवस्था से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि एक साथ सैकड़ों गाड़ियां सड़कों पर नहीं आएंगी. इससे स्कूलों के बाहर और मुख्य सड़कों पर लगने वाले जाम में कमी आएगी.
जाम से राहत दिलाने की कोशिश
पिछले कई महीनों से शहर में स्कूल टाइम के दौरान भारी जाम की समस्या सामने आ रही थी. खासकर सुबह बच्चों को छोड़ने और दोपहर में लेने के समय सड़कों पर लंबी लाइन लग जाती थी. आम लोगों को भी काफी दिक्कत होती थी. इसी को देखते हुए डीएम और ट्रैफिक विभाग ने मिलकर यह नया प्लान तैयार किया. अधिकारियों का मानना है कि आधे-आधे घंटे का गैप रखने से ट्रैफिक अपने आप कंट्रोल हो जाएगा और लोगों को राहत मिलेगी.
ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक पनकी, नजीराबाद, कल्याणपुर, जरीब चौकी और किदवई नगर जैसे इलाकों में सबसे ज्यादा जाम लगता था. इन जगहों पर एक साथ कई बड़े स्कूल हैं, जिससे एक ही समय पर भारी भीड़ हो जाती थी. अब नए समय लागू होने के बाद उम्मीद है कि इन इलाकों में ट्रैफिक पहले से काफी बेहतर रहेगा और लोगों को रोज-रोज के जाम से छुटकारा मिलेगा.
स्कूलों की एक साथ छुट्टी होना जाम की सबसे बड़ी वजह
इस फैसले से पहले ट्रैफिक विभाग ने स्कूल प्रबंधकों के साथ बैठक की थी. सभी से सुझाव लेने के बाद ही यह नई समय सारिणी बनाई गई. डीसीपी ट्रैफिक रविंद्र कुमार ने बताया कि स्कूलों की एक साथ छुट्टी होना जाम की सबसे बड़ी वजह थी. इसलिए यह तय किया गया कि स्कूलों के समय को अलग-अलग कर दिया जाए. इससे बच्चों की सुरक्षा भी बेहतर होगी और ट्रैफिक भी सुचारू रहेगा.
प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इसका असर साफ दिखाई देगा. अगर यह व्यवस्था सफल रहती है, तो आगे भी इसे जारी रखा जा सकता है. फिलहाल शहरवासियों को उम्मीद है कि अब उन्हें रोज-रोज के जाम से काफी हद तक राहत मिलेगी और सफर पहले से आसान होगा.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें