होली वाले दिन इन चीजों से बचें, वरना होगा नुकसान, जानिए ज्योतिषाचार्य से सबकुछ
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होलिका दहन व होली के दिन क्या करें, यह सबको पता होता है. क्या नहीं करें, यह जानना जरूरी है. होलिका दहन के दिन होलिका में गाय का उपली, कपूर, लाची व देशी घी आदि ले जाकर डालते हैं. हालांकि, अब बदलते समय के साथ गाड़ी का टायर व प्लास्टिक आदि डाल देते हैं.
मिर्जापुर: होली रंगों का त्यौहार है. अलग-अलग जगह पर होली का त्यौहार पारंपरिक तरीके से लोग मनाते हैं. होली पर्व के दौरान क्या करना चाहिए. यह तो सभी जानते हैं. हालांकि, कुछ ऐसी चीज होती है जो होली के दौरान भूलकर भी नहीं करना चाहिए, इससे फल की वजह आपको हानि हो सकता है. विंध्यधाम के विद्वान ज्योतिषाचार्य ने बताया कि होली के दौरान होलिका दहन में टायर व प्रकृति को नुकसान पहुंचाने वाली चीजों को नहीं डालना चाहिए, इसके साथ ही होली वाले दिन अगर अपनों से बड़ों को रंग लगा रहे हैं तो चरणों में लगाना चाहिए. मस्तिष्क या फिर शरीर में कहीं और कलर लगाने से बचना चाहिए.
होलिका दहन व होली के दिन क्या करें
विंध्यधाम के विद्यवान ज्योतिषाचार्य पं. अनुपम महाराज ने बताया कि होलिका दहन व होली के दिन क्या करें, यह सबको पता होता है. क्या नहीं करें, यह जानना जरूरी है. होलिका दहन के दिन होलिका में गाय का उपली, कपूर, लाची व देशी घी आदि ले जाकर डालते हैं. हालांकि, अब बदलते समय के साथ गाड़ी का टायर व प्लास्टिक आदि डाल देते हैं. ऐसा करने से फल की बजाय पाप मिलता है. कोशिश करें कि ऐसी चीजों को ही डाले, जिससे पर्यावरण को लाभ मिले, क्योकि होली श्रद्धा व विश्वास का पर्व है. यह भगवान विष्णु व भक्त प्रह्लाद के मिलन का पर्व है. भाव, उत्सव व श्रद्धा के इस पर्व को सभी धूमधाम के साथ मनाते हैं. होलिका दहन में ऐसा कोई पदार्थ नहीं डाले, जिससे कोई लाभ नहीं मिले.
होली पर नहीं करें ये काम
पं. अनुपम महाराज होली के दिन भी कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए. होली के दिन किसी पशु व पक्षी पर रंग नहीं डाले. जानवरों को रंग लगाने से बचे. शास्त्रों में वर्णित है कि गाय या किसी जानवर को हानि पहुंचाने पर अशुभ फल मिलता है. नुकसान होता है. होली के दिन कोशिश करें कि बड़ों के चरणों में गुलाल लगाएं. सिर में गुलाल नहीं लगाना चाहिए. इस समय ज्योतिष के अनुसार रौद समय चल रहा है. ऐसे में इस असर होली पर रहेगा. क्रोध, ईष्या व अहंकार बढ़ सकता है. होली रंगों का त्योहार है. इस दिन से प्रकृति भी रंग बदलती है. कोशिश करें कि अपशब्दों का प्रयोग नहीं करें, क्योकि, धर्म के अनुसार यह समय सही नहीं है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें