अक्टूबर में मटर की इन उन्नत किस्मों की करें अगेती खेती, कम समय में मिलेगी अच्छी उपज, मुनाफा भी होगा शानदार
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Green Peas Cultivation: आज के समय मे खेती किसानी में भी कुछ ऐसी फसले है. जिनकी खेती करके किसान अच्छी आमदनी कर सकते हैं. पर इन फसलों खेती सीजन के हिसाब से की जाएं तो यह अच्छे रेट में जाती हैं. ऐसी ही एक फसल है मटर. जिसकी डिमांड बाजार में बहुत अधिक है. इसलिए इनकी खेती कर किसान लाखों रुपए मुनाफा कमा सकते हैं.
वैसे मटर एक महत्वपूर्ण सब्जी है. जिसका उपयोग घरों में व्यापक रूप से होता है. भारत में इसकी खेती बड़े पैमाने पर की जाती है, और इसकी खपत भी काफी अधिक है हरी मटर के साथ-साथ सूखी मटर का भी काफी उपयोग होता है. यही कारण है कि मटर की खेती किसानों के लिए एक लाभदायक विकल्प मानी जाती है, जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा मिलता है. किसानों को मटर की उन्नत अगेती किस्मों की बुवाई के लिए अक्टूबर का महीना सबसे उपयुक्त होता है. इससे कम समय में अच्छी उपज प्राप्त की जा सकती है.

जिला कृषि रक्षा अधिकारी विजय कुमार ने लोकल 18 से बातचीत में बताया रबी क़े सीजन मे मटर की खेती बड़े पैमाने पर की जाती हैं क्योंकि मटर एक ऐसी सब्जी है जिनकी डिमांड अधिक होती है और ये सेहत के लिए काफी फायदेमंद है क्योंकि इसमें रासायनिक वह कीटनाशक दवाइयां का इस्तेमाल नहीं करना पड़ता मटर की कई ऐसी किस्म है. जिनकी खेती कर किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.

पंत मटर 155 मटर की संकर किस्मों में, मटर की ये किस्म बेहतरीन है. बुआई के 50 से 60 दिनों के बाद ही हरी फलियों की तुड़ाई कर सकते हैं. इस किस्म की खासियत यह है कि इसमें रोगों का प्रकोप कम होता है. फफूंद रोग, फली छेदक कीटों का प्रकोप इस किस्म पर ज्यादा नहीं होता.

काशी अगेती किस्म बेहद कम दिनों में तैयार होने वाली मटर की किस्मों में से एक है. इस किस्म की फलियां सीधी और गहरे हरे रंग की देखने को मिलती है. मटर की यह किस्म मात्र 50 दिनों में तैयार हो जाती है. पैदावार की बात करें तो इस किस्म से प्रति एकड़ 38 से 40 क्विंटल तक पैदावार ली जा सकती है.

आइ पी एफ डी 10 मटर की एक नई किस्म है, जो खेती के लिहाज से पूरी तरह उपयुक्त मानी जाती है. इसकी फलियां 9 से 10 सेंटीमीटर लंबी होती हैं और प्रति एकड़ लगभग 42 क्विंटल मटर की पैदावार देती है. यह किस्म 60 दिन में पककर तैयार हो जाती है और बाजार में इसकी मांग भी अच्छी रहती है. इस किस्म का चुनाव करने से किसान कम समय में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं.

मटर की अर्ली बैजर किस्म एक विदेशी वैरायटी है. इसकी फलियों में बनने वाला बीज झुर्रीदार होता हैं. इसका पौधा बौना होता है. इसकी फसल लगभग 50 से 60 दिन में तैयार हो जाती है. इस किस्म की मटर की फलियों में औसतन 5 से 6 दाने पाए जाते हैं. वहीं, अगर उत्पादन की बात करें तो इससे प्रति हेक्टेयर 10 टन के आसपास पैदावार मिल सकती है.

काशी उदय मटर की ये किस्म काफी उपयुक्त है. इसकी फलियों की लंबाई की बात करें तो 9 से 10 सेंटीमीटर लंबी होती है. प्रति एकड़ खेती करने पर किसानों को 42 क्विंटल मटर की पैदावार मिल सकती है. बाजार में इस किस्म के बीज के प्रति किलो रेट की बात करें तो 250 रुपए प्रति किलो हो सकती है और काशी उदय किस्म को कटाई के लिए पकने में 60 दिनों का समय लगता है.