अतीक के फ्रेंड, सपा के नेता, कौन अंसार अहमद, जिनके कोल्ड स्टोरेज में मर गए लोग

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अतीक के फ्रेंड, सपा के नेता, कौन अंसार अहमद, जिनके कोल्ड स्टोरेज में मर गए लोग


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Who Is Ansar Ahmed: प्रयागराज के जिस कोल्ड स्टोरेज में हादसे के कारण चार लोगों की मौत हो गई, उस कोल्ड स्टोरेज के मालिक निकले सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद. अंसार अहमद का कभी इतना दबदबा था कि वह डेढ़ सौ गाड़ियों के काफिले के साथ चलते थे. गंगापार इलाके में अंसार अहमद की छवि एक बाहुबली के तौर पर थी. उनका अतीक के साथ भी काफी अच्छे रिश्ते थे.

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समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं अंसार अहमद.

प्रयागराजः उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के चंदापुर स्थित कोल्ड स्टोरेज में हुए हादसे के कारण कई लोगों की मौत हो गई. कोल्ड स्टोरेज के मजदूरों का कहना है कि अमोनिया गैस की पाइप में विस्फोट हुआ, जिसके कारण कोल्ड स्टोरी की दीवर ढह गई. हादसे के बाद जांच में पता चला कि यह कोल्ड स्टोरेज समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री अंसार अहमद का है. इलाके में अंसार अहमद को लोग अंसार पहलवान भी कहते हैं.

सपा से है गहरा नाता
अंसार अहमद का समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव से अच्छा संबंध है. अंसार अहमद जिस स्टाइल में मूंछ रखते हैं, उसकी वजह से लोग उन्हें वीरप्पन के भाई के नाम से भी बुलाते हैं. अंसार अहमद की छवि प्रयागराज के गंगापार में बाहुबली के तौर पर है. सपा के वरिष्ठ नेता होने के साथ ही वह पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के भी बहुत करीबी रहे हैं और यही नहीं माफिया अतीक अहमद से भी अंसार अहमद का बढ़िया संबंध रहा.

गंगापार इलाकों में अंसार अहमद का दबदबा
ऐसा कहा जाता है कि किसी एक वक्त पर अंसार अहमद का गंगापार इलाकों में कभी रुतबा यानी कि दबदबा रहा करता था. अपने दौर में अंसार अहमद डेढ़ सौ गाड़ियों का काफिला लेकर चलते थे. अंसार अहमद का अपने इलाके के लोगों से गहरा जुड़ाव है. हिन्दू समाज में भी उनकी पैठ मानी जाती है. अंसार अहमद के कई कोल्ड स्टोरेज और ईंट भट्टे हैं.

अंसार अहमद का राजनीतिक करियर
मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल में अंसार अहमद पशुपालन मंत्री भी रहे हैं. साल 2002 के विधानसभा चुनाव में अंसार अहमद नवाबगंज विधानसभा सीट से विधायकी का चुनाव जीते थे. हालांकि उसके बाद जब परिसीमन लागू हुआ तो साल 2008 में नवाबगंज विधानसभा सीट खत्म कर दी गई और फाफामऊ नई विधानसभा सीट बनी. इसके बाद जबसाल 2012 में विधानसभा चुनाव हुआ तो अंसार अहमद फाफामऊ से फिर विधायक बन गए और साल 2017 तक विधायक रहे. हालांकि साल 2022 में अंसार अहमद को स्वामी प्रसाद मौर्य बीजेपी के प्रत्याशी गुरु प्रसाद से कड़ी शिकस्त मिली.

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Prashant Rai

प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें



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