अयोध्या नगर निगम की बड़ी लापरवाही, टैक्स बकाया के नाम पर घर के साथ बेटी को भी किया ‘सील’, कड़ाके की ठंड में सड़क पर बैठी रही मां
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Ayodhya News: अयोध्या में नगर निगम की बड़ी लापरवाही सामने आई है. यहां हाउस टैक्स बकाया होने पर टीम ने एक घर को बाहर से सील कर दिया, जबकि अंदर एक किशोरी मौजूद थी. कड़ाके की ठंड में पीड़ित परिवार सड़क पर न्याय की गुहार लगाता रहा, वहीं युवती घंटों अंदर कैद रही. रात 10:30 बजे पुलिस की मौजूदगी में सील तोड़कर उसे बाहर निकाला गया.
Ayodhya News: राम नगरी अयोध्या से मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है, जहां नगर निगम की लापरवाही ने एक परिवार की खुशियां तो छीनी ही, साथ ही एक मासूम की जान को भी जोखिम में डाल दिया. हाउस टैक्स वसूली के नाम पर नगर निगम की टीम ने एक मकान और दुकान को आनन-फानन में इस तरह सील कर दिया कि घर के अंदर मौजूद एक किशोरी बाहर भी नहीं निकल सकी. कड़ाके की ठंड में एक तरफ मां और बेटी सड़क पर न्याय के लिए गिड़गिड़ाती रहीं, तो दूसरी तरफ घर के भीतर बंद युवती भूख-प्यास और डर से तड़पती रही.
मामला अयोध्या के कोतवाली नगर क्षेत्र के फतेहगंज पुलिस चौकी इलाके का है. बुधवार को नगर निगम की टीम पुलिस बल के साथ फतेहगंज निवासी सरोज देवी के घर पहुंची. टीम का दावा था कि भवन पर लगभग 90 हजार रुपये का टैक्स बकाया है. बिना यह जांचे कि घर के भीतर कोई मौजूद है या नहीं, टीम ने मकान और दुकान को सील कर दिया. परिजनों का आरोप है कि इस दौरान महिला पुलिसकर्मियों ने मां और एक बेटी को जबरन बाहर निकाला, लेकिन दूसरी बेटी घर के अंदर ही रह गई जिसे टीम ने अंदर ही लॉक कर दिया.
पटीदारों ने दिया धोखा, निगम ने दी सजा
पीड़िता सरोज देवी ने बताया कि उनका मकान और दुकान तीन हिस्सेदारों (पटीदारों) के बीच बंटी हुई है. सरोज के मुताबिक, उन्होंने अपने हिस्से के लगभग 30 हजार रुपये पटीदारों को टैक्स जमा करने के लिए दिए थे. लेकिन पटीदारों ने पैसा डकार लिया और टैक्स जमा नहीं किया. नगर निगम ने अन्य हिस्सेदारों को छोड़ने के बजाय केवल सरोज देवी के हिस्से को निशाना बनाया और कार्रवाई कर दी.
रात 10:30 बजे मिली रिहाई, ठंड में ठिठुरता रहा परिवार
इस पूरी घटना के बाद हड़कंप मच गया. पीड़ित महिला अपनी बेटी के साथ नगर निगम महापौर के आवास और कार्यालय के चक्कर काटती रही, लेकिन शुरुआत में कहीं से मदद नहीं मिली. कड़ाके की ठंड में पूरा परिवार सड़क पर बैठा रहा. मामला तूल पकड़ने के बाद क्षेत्राधिकारी नगर श्रीयश त्रिपाठी और नगर कोतवाल अश्विनी पांडेय भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. रात करीब 10:30 बजे शटर की सील तोड़ी गई और तब जाकर भीतर कैद युवती को बाहर निकाला.
जांच और कार्रवाई का आश्वासन
नगर निगम की इस अमानवीय कार्रवाई पर सवाल उठने के बाद प्रशासनिक महकमे में खलबली है. अपर नगर आयुक्त सुमित कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि इस पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी. उन्होंने आश्वासन दिया कि जो भी कर्मचारी इस घोर लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें