अयोध्या फैसले के 6 साल बाद भी क्यों नहीं बन पाई नई मस्जिद, कहां अटका है काम

0
अयोध्या फैसले के 6 साल बाद भी क्यों नहीं बन पाई नई मस्जिद, कहां अटका है काम


Last Updated:

Ayodhya News: अयोध्या फैसले को छह साल बीत चुके हैं, लेकिन धन्नीपुर में प्रस्तावित नई मस्जिद का निर्माण अभी शुरू नहीं हो पाया है. इंडो-इस्लामिक कल्चरल फ़ाउंडेशन अब भी डिज़ाइन और संरचनात्मक नक्शा तैयार कर रहा है. दान की कमी और अनुमोदन में देरी के कारण काम 2026 से पहले शुरू होने की संभावना नहीं है.

बाबरी मस्जिद (फाइल फोटो)

अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने को 34 वर्ष बीत चुके हैं और इसी स्थान पर राम मंदिर के उद्घाटन को भी लगभग दो साल हो चुके हैं, लेकिन मुस्लिम पक्ष को आवंटित भूमि पर प्रस्तावित नई मस्जिद का निर्माण अब भी शुरू नहीं हो पाया है. सुप्रीम कोर्ट के 2019 के फैसले के तहत धन्नीपुर गांव में इंडो-इस्लामिक कल्चरल फ़ाउंडेशन (IICF) को पांच एकड़ ज़मीन आवंटित की गई थी. यह स्थान अयोध्या शहर से लगभग 25 किलोमीटर दूर खेतों के बीच स्थित है.

फंड की कमी से रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा काम

IICF ने मस्जिद, अस्पताल, संग्रहालय और सामुदायिक रसोई सहित एक विस्तृत परिसर की योजना बनाई है, लेकिन परियोजना कई कारणों से लगातार टलती जा रही है. सबसे बड़ा कारण निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि की कमी है. संगठन का कहना है कि दान अपेक्षा से काफी कम मिल रहे हैं, जिससे कार्य गति नहीं पकड़ पा रहा है.

2026 के बाद काम शुरू होने की संभावना

फिलहाल ट्रस्ट संरचनात्मक नक्शा तैयार करवा रहा है, जिसे संबंधित विकास प्राधिकरण को सौंपा जाएगा. नक्शा स्वीकृत होने के बाद कई प्रशासनिक और तकनीकी मंज़ूरियों की प्रक्रिया शुरू होगी. अधिकारियों और ट्रस्ट से जुड़े लोगों का अनुमान है कि अनुमोदन प्रक्रिया में एक वर्ष से अधिक समय लग सकता है. इस स्थिति में वास्तविक निर्माण कार्य मार्च 2026 के बाद ही शुरू होने की संभावना है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि भूमि दूरस्थ क्षेत्र में होने के कारण वहां बुनियादी सुविधाएं अभी उपलब्ध नहीं हैं, जिससे परियोजना की लागत और समय दोनों बढ़ रहे हैं. इसके बावजूद IICF का दावा है कि वे मस्जिद और उससे जुड़े सांस्कृतिक परिसर को एक आधुनिक और शांतिपूर्ण प्रतीक के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

फिलहाल, अयोध्या में राम मंदिर के पूर्ण होने के बाद भी धन्नीपुर मस्जिद परियोजना अपने प्रारंभिक चरण में ही अटकी हुई है, और इसके वास्तविक स्वरूप लेने में अभी कम से कम दो वर्ष और लगने की उम्मीद है.

About the Author

authorimg

Lalit Bhatt

पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों में रिपोर्टिंग से ल…और पढ़ें

homeuttar-pradesh

अयोध्या फैसले के 6 साल बाद भी क्यों नहीं बन पाई नई मस्जिद, कहां अटका है काम



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *