अयोध्या में कितने वर्षों तक रहा राम राज्य? किस उम्र में राजा बने थे प्रभु श्री राम, पुराणों में क्या है उल्लेख

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अयोध्या में कितने वर्षों तक रहा राम राज्य? किस उम्र में राजा बने थे प्रभु श्री राम, पुराणों में क्या है उल्लेख


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प्रभु राम अयोध्या के राजा बने तब उनकी उम्र 41 वर्ष थी. धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि श्री राम ने 11000 साल तक अयोध्या में राज किया. अयोध्या में जब प्रभु राम का राम राज्य था, तब उनके समय में कोई भी प्रजा दुखी नहीं थी. ना ही प्रजा को किसी बात का डर था.

अयोध्या: हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि के दिन त्रेता युग में भगवान विष्णु ने अयोध्या के राजा दशरथ के यहां भगवान राम के रूप में जन्म लिया था. भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में हर वर्ष चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि के दिन रामनवमी का पर्व मनाया जाता है. इस बार रामनवमी का पर्व 26 मार्च को मनाया जाएगा. रामनवमी के दिन प्रभु राम की विधि विधान पूर्वक पूजा आराधना करने से जीवन में समस्त प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है. ऐसी स्थिति में क्या आप जानते हैं कि भगवान राम के समय अयोध्या में राम राज्य कैसा था. कितने वर्षों तक प्रभु राम ने अयोध्या में राज किया था तो चलिए इस रिपोर्ट में विस्तार से जानते हैं.

दरअसल, रामायण और पुराण के अनुसार जब प्रभु राम को वनवास मिला तो उस दौरान उनकी उम्र 25 से 27 साल थी. प्रभु श्री राम अपने पिता के वचन को पूरा करने के लिए 14 साल तक वनवास में थे. वनवास में उनके भाई लक्ष्मण और माता जानकी भी थी. वनवास के दौरान प्रभु राम ने अनेक लीलाएं की लेकिन अंत में प्रभु राम ने रावण का वध कर जब अयोध्या लौटे तो प्रभु श्री राम की उम्र 38 से 41 वर्ष बताई जाती है.

यानी कि धार्मिक ग्रंथो के अनुसार राम कचहरी चारों धाम मंदिर के महंत शशिकांत दास बताते हैं कि जब प्रभु राम अयोध्या के राजा बने तब उनकी उम्र 41 वर्ष थी. धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि श्री राम ने 11000 साल तक अयोध्या में राज किया. तो दूसरी तरफ इतिहासकारों के मुताबिक अयोध्या कई हजार साल पुरानी है इसी अयोध्या में भगवान विष्णु ने प्रभु राम के रूप में राजा दशरथ के घर पर जन्म लिया था. प्रभु राम ने अयोध्या में राजा के रूप में आदर्श जीवन जिया. यही वजह है कि उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम भी कहा जाता है. शशिकांत दास बताते हैं कि अयोध्या में जब प्रभु राम का राम राज्य था, तब उनके समय में कोई भी प्रजा दुखी नहीं थी. ना ही प्रजा को किसी बात का डर था. हर तरफ अपने राजा का गुणगान करते थे. इतना ही नहीं जब प्रभु राम राजा बने तो सारे लोग हर्षित भी होते थे.

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Abhijeet Chauhan

न्‍यूज18 हिंदी डिजिटल में कार्यरत. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल और हरियाणा की पॉलिटिक्स और क्राइम खबरों में रुचि. वेब स्‍टोरी और AI आधारित कंटेंट में रूचि. राजनीति, क्राइम, मनोरंजन से जुड़ी खबरों को लिखने मे…और पढ़ें



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