अरुण गोविल का बड़ा बयान, मस्जिदों-मदरसों में CCTV नहीं, 140 करोड़ लोगों की सुरक्षा को बड़ा खतरा
Parliament Winter Session: संसद के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन गुरुवार को सुरक्षा, नकली दवाओं के सिंडिकेट और खराब बुनियादी ढांचे से जुड़े गंभीर मुद्दों पर विपक्षी सांसदों ने केंद्र सरकार को घेरा. वहीं, सत्ता पक्ष ने धार्मिक स्थलों पर CCTV की मांग से लेकर जहरीली कफ सिरप की मौतों तक, सांसदों के तीखे आरोपों ने सदन में हंगामे जैसा माहौल बना दिया. दूसरी तरफ, प्रदूषण और सड़क सुरक्षा पर भी सांसदों ने सरकार पर सख्त कार्रवाई का दबाव बढ़ाया.
मेरठ से भाजपा सांसद अरुण गोविल ने लोकसभा में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय उठाते हुए कहा कि देशभर में मंदिर और चर्चों में CCTV लगाए जा चुके हैं, लेकिन मस्जिदों और मदरसों में कैमरे न होना सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है. उन्होंने कहा, ‘सऊदी अरब में मस्जिदों व मदरसों में CCTV लग सकते हैं, तो भारत में क्यों नहीं? 140 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा सर्वोपरि है. सुरक्षा धार्मिक नहीं होती.’ गोविल ने सरकार से इस विषय पर स्पष्ट नीति बनाने की मांग की.
मछलीशहर की सांसद सरोज ने संसद में जहरीली कफ सिरप की वजह से बच्चों की मौत पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि, ‘कोडीन बेस्ड फर्जी कफ सिरप का देशभर में खतरनाक सिंडिकेट चल रहा है और इसमें सरकार से जुड़े लोग भी शामिल बताए जाते हैं.’ उन्होंने बताया कि, बनारस सहित कई राज्यों में ये नेटवर्क सक्रिय है सिर्फ जौनपुर में 4 FIR दर्ज हो चुकी हैं. अक्टूबर में कई बच्चों की मौत भी हुई.’
सांसद सरोज ने कहा कि जब तक इस ‘भ्रष्ट तंत्र और राजनीतिक संरक्षण’ को उजागर नहीं किया जाएगा, नकली दवाओं का कारोबार नहीं रुकेगा. उन्होंने उच्च स्तरीय जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की.
शीतकालीन सत्र के चौथे दिन सपा सहित कई विपक्षी दलों ने दिल्ली की जहरीली हवा को लेकर मकर द्वार पर प्रदर्शन किया. सांसदों ने मास्क और प्लेकार्ड लेकर वायु प्रदूषण पर सदन में चर्चा की मांग की.
धर्मेंद्र यादव ने कहा कि आजमगढ़ के कोटला टोल प्लाजा पर ‘टोल माफिया’ का आतंक है. उन्होंने कहा, ‘स्थानीय लोगों के लिए बनाए गए लिंक रोड पर बैरियर लगा दिए गए हैं. स्कूल बस तक रोक दी जाती है. यह NHAI के नाम पर चल रही गुंडई है, इसे रोका जाए.’
प्रिया सरोज ने भी उठाया नकली कफ सिरप का मुद्दा
सपा सांसद प्रिया सरोज ने भी कोडीन युक्त नकली कफ सिरप के सिंडिकेट पर सरकार को घेरा और कहा कि यह कोई छोटा-सा मामला नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर की गंभीर स्वास्थ्य समस्या है.