आखिर बंगाली भक्त क्यों लगाते हैं काले चंदन का तिलक, क्या है रहस्य? जानें सालों पुरानी परंपरा की वजह

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आखिर बंगाली भक्त क्यों लगाते हैं काले चंदन का तिलक, क्या है रहस्य? जानें सालों पुरानी परंपरा की वजह


Agency:News18 Uttar Pradesh

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Kala Chandan Tilak Astro Significance: कुछ लोग माथे पर काले चंदन का तिलक लगाते हैं. इसके पीछे की वजह आपको पता है? जानें इस आर्टिकल में.

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यह चंदन ब्रजराज के साथ-साथ राधा कुंड से निकाला जाता है. 

Kala Chandan Tilak Astro Significance: भारत देश एक ऐसा देश है, जहां अनेकता में एकता का उदाहरण आपको हर जगह देखने को मिलेगा. यहां की संस्कृति और सभ्यता लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है. यहां हर राज्य और हर संप्रदाय का एक अलग पहनावा और अलग ही तिलक है. यहां किस तरह से अलग-अलग तिलक लगाए जाते हैं. वह हम आपको बताएंगे. गोड़िया संप्रदाय में आने वाले बंगाली भक्त या साधु संत काला चंदन लगाते हैं. जानें इसके पीछे की वजह.

प्राचीन समय से ही भारत देश साधु संतों का देश रहा है. यही वजह है, साधु संत होने के साथ-साथ यहां की सभ्यता और संस्कृति अपनी ओर लोगों को आकर्षित करती है. भारतीय संस्कृति हर राज्य की अलग है और यहां का पहनावा भी बहुत ही अलग होता है. चाहे आप किसी भी राज्य में चले जाएं वहां का खानपान और पहनावा आपको उसे राज्य की झलक दिखाता है.

काले चंदन से क्यों लगाया जाता है तिलक?
बंगाली भक्तों के माथे पर सुसज्जित काले चंदन का तिलक आपको अपनी ओर आकर्षित करता है. इस तिलक की खास बात क्या है? मुड़िया संत रामकृष्ण दास ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि गोड़िया संप्रदाय की सभी भक्त काला चंदन का तिलक लगाते हैं. इसकी खास बात भगवान श्री कृष्ण और राधा से जुड़ी हुई है. उन्होंने बताया कि भगवान कृष्ण की प्राण प्यारी राधा रानी का यह कुंड हमारे लिए एक बेहद ही महत्वपूर्ण है. यहां की सभ्यता भी हमारे जीवन को ओतप्रोत करती है.

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लोकल 18 से बातचीत के दौरान मुड़िया संत राम कृष्ण दास ने यह भी बताया कि जो भी बंगाली भक्त हैं, वह राधा रानी के इस कुंड की पवन रज को अपने माथे पर लगता हैं. वहां राधा रानी के महिमा उस भक्त पर हो जाती है. उन्होंने बताया कि यह कोई साधारण मिट्टी नहीं है. राधा कुंड से निकला हुआ राधा रानी का अमृत काला चंदन है. सभी धर्म में अलग-अलग तिलक लगाने की परंपरा है. गोड़िया संप्रदाय सनातन गोस्वामी से ताल्लुक रखता है. वह काला टीका लगता हैं या काला चंदन लगाते हैं. हर भक्त अपने अंदर राधा रानी के प्रति श्रद्धा समेटे हुए हैं.

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आखिर बंगाली भक्त क्यों लगाते हैं काले चंदन का तिलक, क्या है रहस्य?

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.



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