आखिर मृत्यु के बाद मुंह में क्यों डाला जाता है तुलसी का पत्ता? गंगाजल भी होता है बहुत जरूरी

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आखिर मृत्यु के बाद मुंह में क्यों डाला जाता है तुलसी का पत्ता? गंगाजल भी होता है बहुत जरूरी


Agency:News18 Uttar Pradesh

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Hindu Death Rituals: मृत्यु के बाद मृत व्यक्ति के मुंह में तुलसी का पत्ता और गंगाजल जरूर डाला जाता है. लोकल 18 ने पंडित से जाना इसके पीछे का कारण.

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पूजा-पाठ हो या कोई भी अनुष्ठान सबसे पहले जल से पूजन सामग्री और पूजा

हाइलाइट्स

  • मृत्यु के बाद मुंह में गंगाजल डालना शुद्धिकरण के लिए होता है.
  • तुलसी का पत्ता मुंह में रखने से यमदूत नहीं सताते.
  • गंगाजल और तुलसी आत्मा को कष्ट से मुक्ति दिलाते हैं.

Hindu Death Rituals: भारत के हर राज्य में अलग-अलग रीति-रिवाज को फॉलो किया जाता है. बच्चे के जन्म से लेकर मृत्यु होने के बाद भी कई रिवाजों का पालन किया जाता है. मृत्यु के एक वक्त एक रिवाज ये भी है कि मरने वाले व्यक्ति के मुंह में तुलसी और गंगाजल डाला जाता है. कुछ स्थानों पर मुंह में सोना भी रखते हैं. आइए जानते हैं आखिर इसके पीछे की वजह क्या है.

मृत्यु के बाद मुंह में क्यों डाला जाता है गंगाजल?
1. हिन्दू धर्म में जल को शुद्ध करने वाला माना गया है. इसल‌िए पूजा-पाठ हो या कोई भी अनुष्ठान सबसे पहले जल से पूजन सामग्री और पूजा करने वाले को शुद्ध किया जाता है. स्नान भी इसी का हिस्सा है. लेकिन जल में गंगा नदी के जल को सबसे पवित्र माना जाता है. कारण यह है कि गंगा को स्वर्ग की नदी कहा गया है.
2. गंगा नदी के विषय में पुराणों में बताया गया है क‌ि यह भगवान विष्णु के चरण से न‌िकली है और श‌िव की जट में इनका वास है. इसल‌िए मृत्यु के समय मुंह में गंगाजल रखने से शरीर से आत्मा निकलते समय अधिक कष्ट नहीं होता है. यह भी मान्यता है क‌ि मुंह में गंगाजल होने से यमदूत नहीं सताते हैं और जीव के आगे का सफर आसान हो जाता है.

तुलसी के पत्ते का भी है महत्व
मृत्यु के समय गंगा जल के साथ एक और चीज मुह में रखी जाती है. वो है तुलसी पत्ता. धार्मिक दृष्टि से तुलसी का बड़ा ही महत्व है. कहते हैं तुलसी हमेशा श्री विष्णु के स‌िर पर सजती है. तुलसी धारण करने वाले को यमराज कष्ट‌ नहीं देते. लोकल 18 से बातचीत में पंडित शशांक शर्मा ने बताया कि मृत्यु के बाद परलोक में व्यक्त‌ि को यमदंड का सामना नहीं करना पड़े, इसलिए मरते समय मुंह में तुलसी का पत्ता रखा जाता है.

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लोकल 18 से बात करते हुए पंडित ने कहा कि धार्मिक दृष्टि के अलावा इसका वैज्ञानिक और व्यावहारिक कारण भी है. दरअसल, तुलसी एक औषधि है जो कई रोगों में कारगर होता है. मृत्यु के समय तुलसी पत्ता मुंह में होने से प्राण त्यागने के समय होने वाले कष्ट से राहत मिलती है क्योंकि यह सात्विक भाव जगाता है

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