आगरा का जूता उद्योग संकट में… युद्ध के कारण एक्सपोर्ट ठप, व्यापारी परेशान
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Agra Shoe Industry Crisis: आगरा का विश्वप्रसिद्ध जूता उद्योग एक बार फिर बड़े संकट में है. कोरोना की मार के बाद अब इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव ने व्यापार की कमर तोड़ दी है. करोड़ों का माल बंदरगाहों पर फंसा है और विदेशी ऑर्डर ठप होने से व्यापारियों की पूंजी अटक गई है. स्थानीय उद्यमियों को डर है कि यदि जल्द युद्ध विराम न हुआ, तो फैक्ट्रियों पर ताला लग जाएगा और हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे. व्यापारियों पर अब दिवालिया होने का खतरा मंडरा रहा है.
Agra Shoe Industry Crisis: ताजनगरी, जिसे दुनिया भर में ‘जूता नगरी’ के नाम से भी जाना जाता है, आज एक बड़े आर्थिक संकट के मुहाने पर खड़ी है. कोरोना की मार से अभी उबरा ही था कि इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध ने यहाँ के जूता उद्योग की कमर तोड़ दी है. करोड़ों रुपये का माल बंदरगाहों पर फंसा है, विदेशी ऑर्डर ठप हैं और कच्चा माल नहीं मिल पा रहा है. अगर स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो हजारों मजदूर बेरोजगार हो जाएंगे और कई छोटे उद्यमी दिवालिया होने की कगार पर पहुँच सकते हैं.
विदेशी ऑर्डर्स पर ब्रेक, बंदरगाहों पर फंसा करोड़ों का माल
उत्तर प्रदेश के आगरा में जूते का उद्योग बड़े पैमाने पर होता है. यहां की सैकड़ों फैक्ट्रियों में प्रतिदिन हजारों जोड़ियां तैयार होती हैं, जो न केवल देश बल्कि विदेशों में भी मशहूर हैं. जूता व्यापारियों का कहना है कि युद्ध के कारण सप्लाई चेन पूरी तरह ध्वस्त हो गई है. तैयार माल एक्सपोर्ट नहीं हो पा रहा है और समुद्र व बंदरगाहों पर माल फंसा हुआ है. व्यापारियों को डर है कि यदि जल्द युद्ध विराम नहीं हुआ, तो भारी नुकसान उठाना पड़ेगा.
कोरोना के बाद अब युद्ध ने बढ़ाईं मुश्किलें
आगरा के बड़े जूता व्यापारी राजेश सहगल ने बताया कि पहले कोरोना काल ने इस उद्योग को गहरी चोट दी थी और अब यह युद्ध नई चुनौतियां लेकर आया है. उन्होंने चिंता जताई कि आगरा में कई छोटी फैक्ट्रियां संचालित हैं, जो थोड़ा भी नुकसान सहने की स्थिति में नहीं हैं. जब ऑर्डर का माल तैयार हो जाता है, तो संचालक का सारा निवेश उसी में फंस जाता है. माल न जाने की स्थिति में पैसा वापस नहीं आएगा, जिससे फैक्ट्रियों पर ताला लगने की नौबत आ जाएगी.
कच्चे माल की किल्लत और बेरोजगारी का खतरा
जूता बनाने के लिए बहुत सा सामान विदेशों से इम्पोर्ट करना पड़ता है, जो युद्ध की वजह से रुक गया है. राजेश सहगल के अनुसार, इजरायल-ईरान और अमेरिका के इस तनाव से पूरा विश्व चिंतित है. आगरा के जूता व्यापारी कर्ज लेकर माल तैयार करते हैं. एक तरफ कर्ज का बोझ और दूसरी तरफ माल का अटक जाना, व्यापारियों को दिवालिया घोषित होने की ओर धकेल रहा है. स्थानीय व्यापारियों ने सरकार से गुहार लगाई है कि इस संकट का समाधान निकाला जाए.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें