आजमगढ़ डीएम रविन्द्र कुमार की पीएम मोदी ने की सराहना, मन की बात में तमसा नदी का किया जिक्र
Azamgarh News: सरकारी कामकाज में जब नवाचार और जनसेवा का मेल दिखता है तब उसकी गूंज सबसे ऊपर तक पहुंचती है. उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में ऐसा ही एक उदाहरण सामने आया है. जहां जिला प्रशासन की पहल ने न सिर्फ स्थानीय लोगों की जिंदगी आसान की, बल्कि देश के प्रधानमंत्री का भी ध्यान खींच लिया. आजमगढ़ के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के नेतृत्व में शुरू किए गए एक अभिनव प्रयास की सराहना खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात में की है. इस उल्लेख के बाद जिले में प्रशासनिक कार्यशैली और जनभागीदारी को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है.
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार अपने सक्रिय और जनभागीदारी से जुड़े कार्यों के कारण अक्सर चर्चा में रहते है. इस बार वह जिले की ऐतिहासिक तमसा नदी को फिर से जीवंत करने के प्रयासों को लेकर सुर्खियों में है. नए साल के पहले मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमसा नदी के पुनरोद्धार का उल्लेख करते हुए जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार और इस अभियान से जुड़े लोगों की खुलकर प्रशंसा की.
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब समाज एकजुट होकर किसी उद्देश्य के लिए आगे बढ़ता है तो असंभव सा दिखने वाला कार्य भी संभव हो जाता है. उन्होंने आजमगढ़ की तमसा नदी का उदाहरण देते हुए बताया कि अयोध्या से निकलकर गंगा में मिलने वाली यह नदी कभी क्षेत्र के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का केंद्र हुआ करती थी. समय के साथ प्रदूषण, गाद, कूड़ा-कचरा और गंदगी के कारण नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो गया था. लेकिन सामूहिक प्रयासों से इसे फिर से नया जीवन मिला.
कार्यभार संभालते ही तय किया लक्ष्य
अप्रैल 2025 में आजमगढ़ के जिलाधिकारी बने रविन्द्र कुमार ने पदभार ग्रहण करते ही प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी नदी पुनरोद्धार योजना को प्राथमिकता दी. उन्होंने तमसा नदी को जिले की ऐतिहासिक, धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण धरोहर मानते हुए इसके पुनर्जीवन की जिम्मेदारी स्वयं संभाली. इसके तहत नदी किनारे स्थित चन्द्रमा ऋषि आश्रम सहित विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया गया और अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठकें कर कार्ययोजना तैयार की गई. नदी के जल को स्वच्छ बनाने के लिए सफाई कर्मियों की तैनाती की गई और जनसहयोग को भी अभियान से जोड़ा गया.
89 किलोमीटर में चला व्यापक सफाई अभियान
स्वयंसेवी संगठनों और स्थानीय लोगों के सहयोग से तमसा नदी के लगभग 89 किलोमीटर लंबे प्रवाह क्षेत्र में फैली गंदगी को हटाया गया. गाद, प्लास्टिक, कूड़ा-कचरा और दाह संस्कार के बाद नदी में फेंके गए वस्त्रों को निकालकर सफाई कराई गई. इन प्रयासों का परिणाम यह रहा कि नदी का जल नहाने और आचमन योग्य बनने लगा.
पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष जोर
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने बताया कि तमसा नदी आजमगढ़ जिले की 111 ग्राम पंचायतों से होकर गुजरती है. शुरुआत में सभी ग्राम पंचायतों के साथ बैठक कर उन्हें नदी संरक्षण के महत्व और लाभों के बारे में जागरूक किया गया. जहां-जहां नदी पट चुकी थी. वहां से गाद निकलवाई गई और किनारों की गंदगी हटाई गई. पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए नदी किनारे अवैध अतिक्रमण हटाकर खाली जमीन पर फलदार और छायादार वृक्षों का रोपण भी कराया गया.
ग्राम प्रधान और मनरेगा बने मजबूत आधार
नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत स्टेट मिशन फॉर क्लीन गंगा और जिला गंगा समिति के समन्वय से तमसा नदी के संरक्षण का अभियान चलाया गया. नदी किनारे डस्टबिन लगाए गए जागरूकता के लिए साइन बोर्ड लगाए गए और लोगों से नदी को स्वच्छ रखने की अपील की गई. इन प्रयासों से न केवल जल गुणवत्ता में सुधार हुआ, बल्कि जैव विविधता लौटी और कृषि क्षेत्र में मिट्टी की उर्वरता तथा सिंचाई क्षमता में भी बढ़ोतरी हुई. इस पूरे अभियान में ग्राम प्रधानों मनरेगा श्रमिकों और स्वयंसेवी संगठनों की अहम भूमिका रही.
यह सामूहिक प्रयास की जीत है
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा आजमगढ़ और तमसा नदी का उल्लेख किया जाना जिले के लिए गर्व की बात है. उन्होंने कहा कि कोई भी काम कठिन नहीं होता. जरूरत होती है सही सोच और मजबूत शुरुआत की. जिलाधिकारी ने इस सफलता का श्रेय आम जनता को देते हुए कहा कि सभी के सहयोग और सहभागिता से ही तमसा नदी के पुनर्जीवन का सपना साकार हो सका.