आज जन्मे बच्चों के लिए नामकरण के शुभ अक्षर कौन से हैं? य से करे नाम की शुरुआत या फिर भ से, जानें सबकुछ
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12 march Baby Born Name: अगर आज आपके घर बच्चे ने जन्म लिया है तो यह खुशी का माहौल है. लेकिन ऐसे में हर पैरेंट्स के लिए सबसे बड़ी जो टेंशन होती है वह बच्चे का नाम किस अक्षर से रखे. अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो आज हम आपको बताएंगे किन अक्षरों से करें नाम की शुरुआत.
अयोध्या: सनातन धर्म में कोई भी शुभ अथवा मांगलिक कार्य करने से पहले ज्योतिषीय सलाह ली जाती है. यानी की ग्रह नक्षत्र की स्थिति देखा जाता है. हमेशा शुभ कार्य शुभ मुहूर्त में ही करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है. ऐसी स्थिति में आज 12 फरवरी है और दिन बृहस्पतिवार. आज के दिन ग्रह नक्षत्र की कैसी स्थिति रहेगी. जन्म लेने वाले बच्चों पर आज के दिन कैसा प्रभाव पड़ेगा? आज के दिन जन्म लेने वाले बच्चे का नामकरण किस अक्षर से शुरू किया जाएगा? इन तमाम बातों की जानकारी आज हम आपको इस रिपोर्ट पर विस्तार से बताएंगे तो चलिए जानते हैं.
दरअसल अयोध्या के पंडित सीताराम दास ने बताया कि 12 फरवरी 2026 का दिन ग्रहों की विशेष स्थिति के कारण महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस दिन चंद्रमा दो राशियों से होकर गुजरेगा. दोपहर 1:42 बजे तक चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहेगा, उसके बाद धनु राशि में प्रवेश करेगा. सूर्य अभी भी कुंभ राशि में स्थित है जिससे स्वतंत्र सोच और नवाचार की ऊर्जा सक्रिय रहेगी. 1:42 बजे तक ज्येष्ठा नक्षत्र रहेगा, जो गण्डमूल नक्षत्रों में से एक है.यह साहस, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास का प्रतीक है. इसके बाद मूल नक्षत्र आरंभ होगा, जो शक्ति, स्वतंत्रता और आध्यात्मिक प्रवृत्ति को दर्शाता है. मूल भी गण्डमूल नक्षत्र है, इसलिए पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार कुछ शांति उपाय करना शुभ माना जाता है.
3:06 बजे तक लग जाएगा हर्षण योग
दोपहर 12:22 बजे तक कृष्ण पक्ष दशमी तिथि रहेगी, उसके बाद एकादशी प्रारंभ होगी. दशमी तिथि ऊर्जा और कार्य सिद्धि के लिए अनुकूल मानी जाती है. प्रातः 3:06 बजे तक हर्षण योग रहेगा. जो आनंद और सफलता का सूचक है.इसके बाद वज्र योग प्रारंभ होगा, जो दृढ़ता और शक्ति देता है, परंतु स्वभाव में कठोरता ला सकता है.
ज्येष्ठा नक्षत्र में जन्मे बच्चेहोते हैं साहसी
12:23 बजे तक विष्टि करण रहेगा जिसे शुभ कार्यों के लिए टालना बेहतर माना जाता है. इसके बाद बव करण प्रारंभ होगा, जो कार्यारंभ के लिए अनुकूल है. राहुकाल दोपहर 1:30 से 3:00 बजे तक रहेगा, इस समय महत्वपूर्ण शुभ कार्य न करने की सलाह दी जाती है. ज्येष्ठा नक्षत्र में जन्मे बच्चे साहसी, प्रभावशाली और नेतृत्व गुणों से युक्त होते हैं.
यह भी जान लें
मूल नक्षत्र में जन्मे बच्चे स्वतंत्र विचारों वाले, बुद्धिमान और धार्मिक प्रवृत्ति के हो सकते हैं. तो वहीं गण्डमूल नक्षत्र के कारण पारंपरिक रूप से शांति पूजा की सलाह दी जाती है. इस दिन जन्म लेने वाले बच्चों का नामकरण वृश्चिक अथवा धनु राशि के अनुसार किया जाएगा. वृश्चिक राशि के अनुसार यू, ये, यो, भा. तो वहीं धनु राशि ये, यो, भा, भी अक्षर से नामकरण की शुरुआत होगी.
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