आलू और गन्ने के बाद खेतों में बो दें ये फसल, कम समय में हो जाएंगे मालामाल! इस किस्म का करें चुनाव
Agency:News18 Uttar Pradesh
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Shahjahanpur: रबी की फसलों के बाद जब किसान के खेत खाली हो जाते हैं, ऐसे में वे मक्के की उन्नत किस्म की बुवाई करके अच्छी कमाई कर सकते हैं. बस एक्सपर्ट की बतायी इन बातों का ध्यान रखें.
मक्का
हाइलाइट्स
- रबी के बाद मक्का की फसल उगाएं, अच्छी कमाई होगी.
- मक्का की उन्नत किस्म पार्वती 90 दिनों में तैयार होती है.
- जैविक खाद का उपयोग करें, उत्पादन बेहतर होगा.
शाहजहांपुर: रबी की फसलों के बाद किसानों के खेत खाली हो जाते हैं. किसान रबी के बाद जब जायद की फसलों की बुवाई करते हैं उस समय यानी फरवरी के अंतिम सप्ताह और मार्च के पहले सप्ताह में किसान मक्का की फसल भी उगा सकते हैं. जायद में उगाई जाने वाली मक्का से किसानों को अच्छा उत्पादन मिलता है. खास बात यह है कि मक्का का भाव भी अच्छा मिलता है.
क्या कहना है एक्सपर्ट का
कृषि विज्ञान केंद्र नियामतपुर में तैनात कृषि एक्सपर्ट डॉ एनपी गुप्ता ने बताया कि मक्का की फसल कम दिनो में तैयार हो जाती है, जिससे किसानों को अच्छा उत्पादन मिलता है. मक्का का इस्तेमाल कई तरह के व्यंजन बनाने के लिए किया जाता है. लेकिन मक्का की फसल उगाते समय किसानों को उन्नत किस्म का चयन करना चाहिए. इसकी बहुत सी ऐसी किस्म होती हैं जो कई रोगों की प्रतिरोधी होती हैं.
उन्नत किस्म का करें चुनाव
अगर आप मक्का की फसल से अच्छा उत्पादन लेना चाहते हैं तो जायद के मौसम में 90 दिनों में तैयार होने वाली मक्का की किस्म पार्वती की बुवाई कर सकते हैं. रेतीली दोमट और दोमट मिट्टी में उगाने के लिए अच्छी किस्म मानी जाती है. खास बात यह है कि यह 45 से 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन देती है.
सीड ड्रिल से करें बुवाई
मक्का की बुवाई हमेशा वैज्ञानिक विधि से करनी चाहिए. खेत की गहरी जुताई करने के बाद मिट्टी को अच्छी तरह से भुरभुरा बनाकर समतल कर लें. उसके बाद सीड ड्रिल के जरिए मक्का की फसल की बुवाई करें. ऐसा करने से निश्चित दूरी और निश्चित गहराई पर बीजों की बुवाई होगी. जिससे किसानों को अच्छा उत्पादन मिलेगा.
जैविक खाद का करें इस्तेमाल
मक्का की फसल में रासायनिक उर्वरकों की निर्भरता को कम करने के लिए किसान जैविक खाद का इस्तेमाल कर सकते हैं. खेत की अंतिम जुताई करते समय गोबर की सड़ी हुई खाद या वर्मी कंपोस्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं. ऐसा करने से किसानों को कम लागत लगानी होगी और अच्छा उत्पादन मिलेगा.
Shahjahanpur,Uttar Pradesh
February 21, 2025, 15:10 IST