आस्था का केंद्र है बरेली की रामगंगा नदी,पूर्णमासी को लगता है मेला,ये है महत्व

0
आस्था का केंद्र है बरेली की रामगंगा नदी,पूर्णमासी को लगता है मेला,ये है महत्व


Last Updated:

Ramganga river: रामगंगा नदी के किनारे कई धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन होते हैं. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, भगवान राम ने अपने वनवास के दौरान इस क्षेत्र का दौरा किया था. यहां के बोट की सवारी बहुत फेमस है.

ख़बरें फटाफट

बरेली: रामगंगा नदी का महत्व और इतिहास काफी पौराणिक है,क्योंकि यह  लाखों वर्ष पुरानी हिमालयी नदी प्रणाली का हिस्सा है. जो उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में दूधातोली पर्वतमाला से निकलती है. पहाड़ों में घूमते हुए मैदानी क्षेत्र में पीलीभीत, बरेली,रामपुर,मुरादाबाद होते हुए ब्रजघाट गंगा नदी में मिल जाती है. रामगंगा नदी के किनारे कई धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन होते हैं. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, भगवान राम ने अपने वनवास के दौरान इस क्षेत्र का दौरा किया था.

जिससे नदी का धार्मिक महत्व और बढ़ गया है. बरेली में रामगंगा ब्रिज के पास मेला ग्राउंड है.जहां समय-समय पर स्थानीय मेले लगते हैं. प्रमुख हिंदू त्योहारों जैसे मकर संक्रांति, गंगा दशहरा, और कार्तिक पूर्णिमा पर स्थानीय लोग नदी में स्नान करने और पूजा-अर्चना के लिए आते हैं.

इस नदी के किनारे अंतिम संस्कार का है महत्व

बरेली में रामगंगा नदी के तट पर स्थानीय श्मशान घाट हैं. जहाँ हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार दाह संस्कार किया जाता है. लोग दाह संस्कार के बाद अस्थियों को पवित्र मानकर नदी में विसर्जित करते हैं. यह एक गहरी धार्मिक आस्था का विषय है.

रामगंगा नदी पर स्थित पंडित मुरारी लाल जी रामगंगा घाट के प्रमुख पंडा है. उन्होंने लोकल 18 को बताया कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सबसे पहले साफ सफाई की व्यवस्था होनी चाहिए. घाट स्थित साफ सफाई रहनी चाहिए यहां जो पॉलीथिन और फटे हुए कपड़े चारों तरफ दिखाई देते हैं.जो श्रद्धालु यहां भक्त आते हैं. भगवान राम के नाम से जुड़े होने के कारण इस नदी का महत्व और बढ़ जाता है. इसलिए अंतिम संस्कार के लिए यहां दूर दूर से लोग आते हैं.

पूर्णमासी पर लगता है मेला

हर पूर्णमासी पर रामगंगा नदी पर भव्य मेला आयोजित किया जाता है. भक्तों की भीड़ का ताता लगा रहता है. और लोग यहां स्नान करने के लिए आते हैं. आने वाले पर्यटकों के लिए यहां पर नौकाविहार करने की व्यवस्था भी सरकार के द्वारा शुरू की गई है. ₹30 प्रति व्यक्ति यह व्यवस्था आप रामगंगा नदी में मोटरवोट से आप बैठकर घूम सकते हैं.साथ ही साथ अगर आप अंतिम संस्कार किसी का करना चाहते हैं. तो आपको रामगंगा नदी के दूसरे घाट का प्रयोग कर वहां जाना होगा और सभी प्रकार की वैदिक मंत्र उच्चारण की व्यवस्था के साथ आप अंत्येष्टि का भी कार्यक्रम आप कर सकते हैं.

homeuttar-pradesh

आस्था का केंद्र है बरेली की रामगंगा नदी,पूर्णमासी को लगता है मेला,ये है महत्व



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *