इन 11 शहर के लिए आईएलएस तकनीक से जेवर एयरपोर्ट से फ्लाइट्स भरेंगी उड़ान, 28 मार्च से शुरू

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इन 11 शहर के लिए आईएलएस तकनीक से जेवर एयरपोर्ट से फ्लाइट्स भरेंगी उड़ान, 28 मार्च से शुरू


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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर में बन चुका है, जिसकी शुरुआत 28 मार्च से होने वाली है. आधुनिक तकनीक से बनाए गए इस इंटरनेशनल एयरपोर्ट का कुल क्षेत्रफल 1334 हेक्टेयर है, जिसमें ILS तकनीक का प्रयोग हुआ है. जिसकी खासियत होगी कि वह कोहरे में भी उड़ान आसानी से भर सकेंगे. इस एयरपोर्ट का रनवे में 3900 मीटर है, जबकि 2.5 मिलियन टन कार्गो की क्षमता है.

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जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की फाइनल तारीख.

नोए़डाः नोएडा और उसके आसपास के लोगों के लिए अच्छी खबर है. आपको बता दें की नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर में बन चुका है, जिसकी शुरुआत 28 मार्च से होने वाली है. आधुनिक तकनीक से बनाए गए इस इंटरनेशनल एयरपोर्ट का कुल क्षेत्रफल 1334 हेक्टेयर है, जिसमें ILS तकनीक का प्रयोग हुआ है. जिसकी खासियत होगी कि वह कोहरे में भी उड़ान आसानी से भर सकेंगे. इस एयरपोर्ट का रनवे में 3900 मीटर है, जबकि 2.5 मिलियन टन कार्गो की क्षमता है. वही यहां से देश के प्रमुख 11 शहरों के लिए शुरुआती उड़ने भरी जाएगी जिससे यहां के लोगों के लिए रोजगार और विकास के रास्ते खुलेंगे.

ILS तकनीक से विमान में लेट लतीफी होगी दूर

इस एयरपोर्ट के खुलने की तैयारी लंबे समय से लोगों को थी एक तरह से या लोगों का सपना था, जो अब हकीकत बनने की राह पर है. यह सपना लगभग 25 साल पहले देखा गया था. भविष्य में इस एयरपोर्ट को 5100 हेक्टेयर तक विस्तारित किया जाएगा जो केवल एक हवाई अड्डा नहीं बल्कि एयरोसिटी के रूप में विकसित होगा जहां विश्व की तमाम आधुनिक सुविधाएं दी जाएंगे. ILS तकनीक के प्रयोग होने की वजह से इस एयरपोर्ट से कोर भारी बारिश और खराब मौसम के बीच भी विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई जा सकेगी. आपको बता दें उत्तर भारत में सर्दी के लगभग 4 महीना में कोहरे की एक बड़ी समस्या होती है. जिससे विमान की आवाज आवाजाही में लेट लतीफी भी देखने को मिलती है. आधुनिक इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम तकनीक होने की वजह से उड़ानों में देरी और कैंसिलेशन की समस्या खत्म होगी.

सुरक्षित होगा एयरपोर्ट, इनके हाथों में होगी कमान

जेवर एयरपोर्ट पर 3900 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ी 6 रनवे बनाए गए हैं जहां पर प्रतिवर्ष लगभग 2.5 मिलियन टन कार्गो संभालने की क्षमता विकसित की गई है. साथ ही विमान के देखभाल के लिए मरो सुविधा भी प्रदान होगी. वहीं से उत्तर भारत के प्रमुख वैश्विक कार्गो और लॉजिस्टिक्स हब बनाने की कोशिश भी की गई है. जिससे कि व्यापार आयात निर्यात में बढ़ावा मिल सके. एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों की सुरक्षा एयरपोर्ट की सुरक्षा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के पास होगी. जहां पहले चरण में 1047 जवान तैनात होंगे तो वहीं यहां एयरक्राफ्ट रिस्क एंड फायर फाइटिंग क्रांतिकारी की भी सुविधा होगी जो अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों को सुरक्षित करेगी.

11 शहरों के लिए होगी उड़ान

पहले चरण में इस जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंडिगो अक्षा और एयर इंडिया एयरलाइंस उड़ान भरेंगे वही पहले फेस में यहां से वाराणसी, लखनऊ, अहमदाबाद, हैदराबाद, बेंगलुरु, मुंबई, पटना, चेन्नई, जयपुर, कानपुर, श्रीनगर के लिए सीधी उड़ान मिलेंगे. वहीं प्रतिदिन 150 उड़ान भरने की योजना है. जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करने के लिए 28 मार्च को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद होंगे. वहीं इस एयरपोर्ट के शुरू हो जाने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट में दबाव कम होगा और उत्तर प्रदेश हरियाणा राजस्थान के लोग सीधा यहां से देश के विभिन्न शहरों के लिए उड़ान भर सकेंगे.

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Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें



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