उमा भारती, संजीव बालियान सहित 25 नेताओं के खिलाफ दर्ज केस लिए जाएंगे वापस
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कोरोना काल के दौरान जनप्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे अब वापस लेने की प्रक्रिया जल्द शुरू हो जाएगी. क्योंकि इसकी अनुमति सरकार को मिल गई है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को 25 जनप्रतिनिधियों पर कोरोना गाइडलाइंस उल्लंघन के तहत दर्ज मुकदमे वापस लेने की अनुमति दे दी है.
लखनऊः कोरोना काल के दौरान जनप्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे अब वापस लेने की प्रक्रिया जल्द शुरू हो जाएगी. क्योंकि इसकी अनुमति सरकार को मिल गई है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को 25 जनप्रतिनिधियों पर कोरोना गाइडलाइंस उल्लंघन के तहत दर्ज मुकदमे वापस लेने की अनुमति दे दी है. कोर्ट के इस आदेश के बाद राज्य सरकार अब संबंधित मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर सकेगी. बताया जा रहा है कि ये मुकदमे कोरोना महामारी के दौरान जारी दिशा-निर्देशों के उल्लंघन से जुड़े हुए थे.
गंभीर आपराधिक आरोप वाले केस नहीं हुए वापस
हाईकोर्ट के फैसले को इस दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जिन मामलों में गंभीर आपराधिक आरोप नहीं हैं, उन्हें कानून के प्रावधानों के तहत वापस लिया जा सकता है. अदालत में उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से कुल 72 अर्जियों दाखिल की गई थीं, जिनमें कोरोनाकाल के दौरान जनप्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की अनुमति मांगी गई थी.
| क्रमांक संख्या | नाम | जिला |
| 1 | उमा भारती | महोबा |
| 2 | संजीव बालियान | मुजफ्फरनगर |
| 3 | सुरेश राणा | – |
| 4 | ठाकुर रणवीर सिंह (मंत्री) | अलीगढ़ |
| 5 | नीलम सोनकर | आजमगढ़ |
| 6 | अनिल सिंह | उन्नाव |
| 7 | अशरफ अली खान | शामली |
| 8 | सीमा द्विवेदी | जौनपुर |
| 9 | अभिजीत सांगा | कानपुर नगर |
| 10 | विजेंद्र सिंह | बुलंदशहर |
| 11 | विवेकानंद पांडेय | कुशीनगर |
| 12 | मीनाक्षी सिंह | बुलंदशहर |
| 13 | जय मंगल कन्नौजिया | महाराजगंज |
| 14 | राजपाल बालियान | मुजफ्फरनगर |
| 15 | प्रदीप चौधरी | हाथरस |
| 16 | प्रसन्न चौधरी | शामली |
| 17 | उमेश मलिक | – |
| 18 | सुरेश राना | – |
| 19 | कुमार भारतेंदु | – |
| 20 | वेदप्रकाश गुप्ता | – |
हाईकोर्ट ने 28 केस वापस लेने की दी अनुमति
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान 28 मामलों में राज्य सरकार को केस वापस लेने की अनुमति दे दी है, हालांकि जिन मामलों में गंभीर अपराध से जुड़े आरोप हैं. उनपर फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया गया है. ऐसे मामलों की अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने 26 फरवरी की तारीख तय की है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 25 जनप्रतिनिधियों के खिलाफ 28 केस वापस लेने की राज्य सरकार को दी अनुमति. कोरोना गाइडलाइन के उल्लंघन सहित अन्य छोटे अपराध के मामले दर्ज थे. शेष गंभीर अपराध के मामलों की अर्जी को सुनवाई के लिए 26 फरवरी की तिथि नियत की. राज्य सरकार ने कुल 72 अर्जियां दाखिल की है, जिनमें जनप्रतिनिधियों के आपराधिक केस वापस लेने की हाईकोर्ट से अनुमति मांगी गई है. कोर्ट ने राज्य सरकार को लोक अभियोजक के मार्फत इन 28 मामलो में संबंधित अदालतों में केस वापसी अर्जी देने तथा कोर्ट द्वारा उन्हें गुण-दोष के आधार पर तय करने का निर्देश दिया है.
पहले सुप्रीम कोर्ट से मांगी गई थी अनुमति
जस्टिस एस डी सिंह और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ल की डिवीजन बेंच में हुई सुनवाई. हाईकोर्ट ने एमपी,एमएलए केस वापसी मामले में स्वत: कायम आपराधिक याचिका की सुनवाई करते हुए आदेश दिया है. एमपी, एमएलए के खिलाफ आपराधिक केस सरकार द्वारा वापस लेने के मामले को लेकर अश्वनी कुमार उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने दिशा-निर्देश जारी कर कहा था कि केस वापसी की अनुमति हाईकोर्ट से ली जाये.
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें