एक और सौगात… राम की नगरी में अब 700 साल पुराने मकबरे का भी होगा कायाकल्प, योगी सरकार ने फंड को दी मंजूरी

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एक और सौगात… राम की नगरी में अब 700 साल पुराने मकबरे का भी होगा कायाकल्प, योगी सरकार ने फंड को दी मंजूरी


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भवन का मालिकाना हक़ वक्फ बोर्ड, परिसर का संरक्षण पुरातत्व और साज-सज्जा आदि उद्यान विभाग के जिम्मे है गुलाबबाड़ी पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल है पर्यटन को बढ़ावा देने तथा नगरी की पुरातन विरासत को सहेजने की कवायद…और पढ़ें

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मकबरा

हाइलाइट्स

  • योगी सरकार गुलाब बाड़ी को हेरिटेज पार्क बनाएगी.
  • गुलाब बाड़ी के सौंदर्यीकरण के लिए 2.97 करोड़ रुपये मंजूर.
  • गुलाब बाड़ी में फव्वारे, प्रकाश व्यवस्था और गुलाब के पौधे लगाए जाएंगे.

अयोध्या: कभी अवध की राजधानी रहे फैजाबाद की ऐतिहासिक धरोहर, नवाब शुजाउद्दौला की गुलाब बाड़ी के दिन अब बहुरने वाले हैं. योगी सरकार इसे हेरिटेज पार्क के रूप में विकसित करने जा रही है, जिसके लिए 2 करोड़ 97 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे. शासन-प्रशासन की ओर से गुलाब बाड़ी पार्क के सौंदर्यीकरण परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद योजना को धरातल पर उतारने की कवायद तेज हो गई है.

श्री अयोध्या तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद पर्यटन विकास योजना के तहत प्राचीन धरोहरों को संरक्षित कर रही है. फिलहाल पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित गुलाब बाड़ी में अवध के तीसरे नवाब शुजाउद्दौला का मकबरा है, जिसका निर्माण उन्होंने 1753-1775 के बीच अपने जीवनकाल में खुद कराया था.

 दूर-दराज से आते हैं लोग
तीन मेहराबदार प्रवेश द्वारों से घिरे इस परिसर में शुजाउद्दौला का मकबरा, मस्जिद, इमामबाड़ा, शाही हम्माम, बारादरी और एक कुआं है, जबकि खाली स्थान को बगीचे के रूप में विकसित किया गया था. पानी के फव्वारों के किनारे विभिन्न किस्मों के गुलाब के फूलों के बगीचे के कारण ही यह गुलाब बाड़ी के नाम से प्रसिद्ध हुआ और दूर-दराज से लोग यहां घूमने और सुबह की सैर के लिए आते हैं.

किसके पास मालिकाना हक
भवन का मालिकाना हक वक्फ बोर्ड के पास है, परिसर का संरक्षण पुरातत्व विभाग करता है और साज-सज्जा आदि उद्यान विभाग के जिम्मे है. गुलाब बाड़ी पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल है. पर्यटन को बढ़ावा देने और शहर की प्राचीन विरासत को संरक्षित करने के उद्देश्य से, प्रशासनिक स्तर पर गुलाब बाड़ी पार्क के सौंदर्यीकरण की योजना पर विचार-विमर्श शुरू हुआ था.

क्या-क्या होंगे बदलाव
इस पार्क के पुराने वैभव को वापस लाने के लिए पर्यटन अवसंरचना सुविधाओं के विकास की योजना के तहत अयोध्या तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद ने उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) से विस्तृत कार्य योजना तैयार कराई थी. परियोजना की स्वीकृति के बाद, यूपीपीसीएल को ही क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया है. डीपीआर के अनुसार, गुलाब बाड़ी पार्क में फव्वारे और कुंड को आकर्षक रूप दिया जाएगा और विशेष प्रकाश व्यवस्था की जाएगी. वहीं, पुरानी पहचान के अनुसार, परिसर में विभिन्न प्रकार के रंग-बिरंगे देशी और विदेशी गुलाब के पौधे लगाए जाएंगे. इसके साथ ही, बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले आदि और सुबह की सैर करने आने वाले लोगों के लिए बेंच की स्थापना सहित बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा.

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