एयरपोर्ट से लेकर 5 स्टार होटलों में बजेगा पीलीभीत टाइगर रिजर्व का का डंका

0
एयरपोर्ट से लेकर 5 स्टार होटलों में बजेगा पीलीभीत टाइगर रिजर्व का का डंका


Last Updated:

कॉफी टेबल बुक्स को केवल शानदार फोटोग्राफी और पर्यटन स्थलों की जानकारी तक सीमित माना जाता है, लेकिन पीलीभीत टाइगर रिजर्व की यह पहल इससे कहीं अलग है. लोकल 18 से बातचीत में पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि इस पुस्तक को तैयार करने का मुख्य उद्देश्य लोगों को वन्यजीव संरक्षण की चुनौतियों और सफलता की कहानियों से रूबरू कराना है.

ख़बरें फटाफट

पीलीभीत: उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र की शान और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका पीलीभीत टाइगर रिजर्व अब देश-दुनिया के पर्यटकों और पर्यावरण प्रेमियों के लिए एक नई पहचान के रूप में निखरेगा. हाल ही में प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पीटीआर पर बनाई गई एक विशेष कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया. यह पुस्तक न केवल पीलीभीत की प्राकृतिक सुंदरता का दर्पण है, बल्कि वन्यजीव प्रबंधन के उन अनछुए पहलुओं को भी उजागर करती है, जो आमतौर पर आम जनता की नजरों से दूर रहते हैं.

वन्य जीव संरक्षण की चुनौतियों को जानेंगे

दरअसल, कॉफी टेबल बुक्स को केवल शानदार फोटोग्राफी और पर्यटन स्थलों की जानकारी तक सीमित माना जाता है, लेकिन पीलीभीत टाइगर रिजर्व की यह पहल इससे कहीं अलग है. लोकल 18 से बातचीत में पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि इस पुस्तक को तैयार करने का मुख्य उद्देश्य लोगों को वन्यजीव संरक्षण की चुनौतियों और सफलता की कहानियों से रूबरू कराना है. इसमें दिखाया गया है कि कैसे एक टाइगर रिजर्व के भीतर ग्रासलैंड का प्रबंधन किया जाता है और भीषण गर्मियों में वन्यजीवों के लिए वॉटर होल्स को कैसे जीवित रखा जाता है. यह पुस्तक पाठकों को जंगल के उन दुर्गम रास्तों पर ले जाती है, जहाँ वन कर्मी दिन-रात पेट्रोलिंग कर बाघों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं.

इंसान और जानवर के बीच संघर्षों को किया जाएगा कम

पीलीभीत टाइगर रिजर्व की सबसे बड़ी चुनौती इंसानों और वन्यजीवों के बीच होने वाले टकराव को रोकना रही है. इस कॉफी टेबल बुक में विभाग द्वारा मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए किए गए नवाचारों और प्रयासों को प्रमुखता दी गई है. साथ ही, इसमें स्थानीय समुदायों के साथ तालमेल बिठाकर किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी दी गई है. बाघों की संख्या को दोगुना करने के लिए अंतरराष्ट्रीय TX2 अवार्ड जीत चुके इस रिजर्व के लिए यह पुस्तक एक ‘ब्रांड एंबेसडर’ की तरह काम करेगी. मुख्यमंत्री द्वारा इसके विमोचन के बाद अब पीटीआर की ख्याति सात समंदर पार तक पहुँचने की उम्मीद है.

About the Author

Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *