ओपन जिम से फ्री वाई-फाई तक: मैथिलीशरण गुप्त पार्क बना झांसी का सबसे पसंदीदा ठिकाना
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Jhansi News : झांसी का राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त पार्क अब सिर्फ हरियाली का नहीं, बल्कि आधुनिक सुविधाओं का केंद्र बन चुका है. ओपन जिम, फ्री वाई-फाई, स्मार्ट लाइटिंग और CCTV निगरानी जैसे इंतज़ामों ने इसे शहर का सबसे पसंदीदा और सुरक्षित पार्क बना दिया है, जहां सुबह से शाम तक लोगों की तगड़ी भीड़ उमड़ती है.
झांसी : झांसी में स्थित राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त पार्क आज शहर का सबसे पसंदीदा ठिकाना बन चुका है. हरियाली, शांति और साफ-सुथरे वातावरण के साथ यह पार्क बुंदेलखंड की लाइफ़स्टाइल का अहम हिस्सा बन गया है. सुबह की वॉक से लेकर शाम की बैठकों तक यहां लोगों की लगातार मौजूदगी इस बात का सबूत है कि शहर के बीचों-बीच बसे इस पार्क की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है. संस्कृति और आधुनिक सुविधाओं का मेल इसका सबसे बड़ा आकर्षण है.
कवि मैथिलीशरण गुप्त की स्मृति में विकसित यह पार्क साहित्य, इतिहास और शिक्षा का संगम भी है. पार्क में लगी पट्टिकाएं और दीवारों पर उकेरी गई कलाकृतियां युवाओं और छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं. स्कूल-कॉलेज के स्टडी टूर और रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट भी यहां अक्सर आयोजित होते हैं. बच्चों के लिए बड़ा ओपन स्पेस और बुज़ुर्गों के लिए आसान वॉकिंग रूट इसे परिवारों के लिए सुरक्षित और उपयुक्त स्थान बनाते हैं.
ओपन जिम बना आकर्षण का केंद्र
पार्क की खास लोकप्रियता का कारण यहां लगा ओपन जिम भी है, जो झांसी के सबसे अधिक उपयोग होने वाले फिटनेस ज़ोन में शामिल है. स्ट्रेंथ से लेकर कार्डियो तक सभी तरह की मशीनें उपलब्ध हैं, जिन्हें युवा, महिलाएं और बुज़ुर्ग हर दिन बड़ी संख्या में उपयोग करते हैं. मशीनों की डिज़ाइन ऐसी है कि पहली बार आने वाला व्यक्ति भी आसानी से समझ सके. खासतौर पर बुजुर्गों के लिए घुटनों, कमर और बैलेंस सुधारने वाली मशीनें काफी उपयोगी साबित हो रही हैं.
सिर्फ घूमने नहीं, सीखने की जगह
आधुनिक तकनीक से लैस यह पार्क सुरक्षा और सुविधा के मामले में भी शहर के सबसे उन्नत पार्कों में गिना जाता है. पूरे पार्क में लगाए गए CCTV कैमरे, स्मार्ट LED लाइटिंग, डिजिटल वॉकिंग ट्रैक काउंटर और ईको-फ्रेंडली ऑटो स्प्रिंकलर सिस्टम इसकी अलग पहचान बनाते हैं. फ्री वाई-फाई ज़ोन का लाभ खासकर छात्र और युवा बड़ी संख्या में उठाते हैं, जिससे यह सिर्फ घूमने की नहीं, बल्कि सीखने और काम करने की जगह भी बन गया है.
बन रहा झांसी की नई पहचान
इतिहास, तकनीक और आम जनता की जरूरतों का संतुलित मेल मिलने के कारण राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त पार्क आज झाँसी की नई पहचान बनकर उभरा है. बुंदेलखंड का सबसे आधुनिक और सबसे पसंदीदा पार्क होने का दर्जा इसने अपने संपूर्ण विकास और सुविधाओं के दम पर हासिल किया है.
मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु…और पढ़ें
मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु… और पढ़ें