कड़ाके की ठंड में किसान उगाएं ‘तीखा मुनाफा’, दिसंबर-जनवरी में मिर्च की ये खेती बदल देगी किस्मत, बंपर होगी कमाई

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कड़ाके की ठंड में किसान उगाएं ‘तीखा मुनाफा’, दिसंबर-जनवरी में मिर्च की ये खेती बदल देगी किस्मत, बंपर होगी कमाई


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Mirch Ki Kheti: कड़ाके की ठंड के बीच अगर किसान सही तकनीक अपनाएं, तो दिसंबर और जनवरी का महीना हरी मिर्च की खेती से अच्छा मुनाफा दिला सकता है. अगेती रोपाई, प्लास्टिक मल्चिंग और लो-टनल जैसी आधुनिक तकनीकों के सहारे किसान पाले से फसल को बचाकर फरवरी-मार्च में बाजार की बढ़ी हुई मांग का सीधा फायदा उठा सकते हैं.

शाहजहांपुर: देश के कई हिस्सों में जहां कड़ाके की ठंड पड़ रही है, वहीं कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को दिसंबर और जनवरी में हरी मिर्च की खेती करने की सलाह दी है. वैसे तो मिर्च मुख्य रूप से खरीफ और रबी की फसल है, लेकिन दिसंबर में अगेती रोपाई करना एक स्मार्ट कृषि रणनीति है. इस समय लगाई गई फसल फरवरी के अंत और मार्च की शुरुआत में फल देने लगती है, जब बाजार में ताजी मिर्च की आवक कम होती है. सही तकनीक जैसे मल्चिंग और लो-टनल का उपयोग कर किसान न केवल पाले से फसल बचा सकते हैं, बल्कि सीजन की शुरुआत में ही बंपर मुनाफा भी कमा सकते हैं.

डॉ. पुनीत कुमार पाठक ने बताया कि दिसंबर में मिर्च की खेती के लिए तापमान का संतुलन सबसे जरूरी है. मिर्च के पौधों को ग्रोथ के लिए 15 से 30 डिग्री सेल्सियस की जरूरत होती है, इसलिए इस महीने में प्लास्टिक मल्चिंग और लो-टनल विधि अपनाकर ही खेती करें. यह तकनीक मिट्टी की नमी और गर्मी को बरकरार रखती है. किसान ध्यान दें कि रोपाई से पहले मिट्टी का परीक्षण जरूर करवाएं और नर्सरी से लाए गए पौधों को ‘कार्बेंडाजिम’ से उपचारित करें. संतुलित उर्वरक प्रबंधन और पाले से बचाव ही इस मौसम में सफल उत्पादन की कुंजी है, जिससे पौधे स्वस्थ रहते हैं.
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रोपाई के दौरान सावधानी और खेती के लाभ
दिसंबर में रोपाई करते समय पौधों को लाइनों में लगाना चाहिए. लाइन से लाइन की दूरी 60 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी 45 सेंटीमीटर रखना आदर्श माना जाता है. इस समय खेती का सबसे बड़ा फायदा यह है कि शुरुआती दौर में कीटों और वायरस का प्रकोप बहुत कम होता है. इसके अलावा, जब गर्मी शुरू होती है और मिर्च की मांग बढ़ती है, तब आपकी फसल तुड़ाई के लिए तैयार रहती है, जिससे मंडी में अच्छा दाम मिलता है. साथ ही, ठंडे मौसम की वजह से सिंचाई के अंतराल को बढ़ाया जा सकता है, जिससे पानी की बचत होती है.

मिर्च की 5 उन्नत किस्में
हरी मिर्च की वीएनआर-305 (VNR-305) किस्म अपनी अधिक पैदावार और गहरे हरे रंग के तीखे फलों के लिए जानी जाती है, जो लंबी दूरी के परिवहन के लिए उपयुक्त है. सेमिनिस नवतेज (Navtej) किस्म पाले और रोगों के प्रति काफी सहनशील है और इसके फल जल्दी लगने शुरू हो जाते हैं. अर्का क्याती यह अधिक उपज देने वाली हाइब्रिड किस्म है, जिसके फल पतले और लंबे होते हैं, जो बाजार में बहुत पसंद किए जाते हैं. सिंजेंटा 5531 (Syngenta 5531) किस्म अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता और एक समान फल के आकार के लिए मशहूर है. हरी मिर्च की किस्म काशी अनमोल भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान द्वारा विकसित वायरस के प्रति प्रतिरोधी है और घरेलू बगीचों और खेतों के लिए उत्तम है.

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Seema Nath

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें

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