कफ सिरप कांड के गुनाहगारों को नहीं मिली बेल, कौन खेल रहा था असली खेल? हुआ खुलासा
Last Updated:
कफ़ सिरप तस्करी सिंडिकेट के आरोपी अमित सिंह टाटा और बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह की ज़मानत अर्जी खारिज़ कर दी गई है. दोनों की ओर से दाखिल अलग-अलग ज़मानत अर्जी एनडीपीएस एक्ट स्पेशल कोर्ट ने खारिज़ कर दी.
लखनऊः कफ़ सिरप तस्करी सिंडिकेट के आरोपी अमित सिंह टाटा और बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह की ज़मानत अर्जी खारिज़ कर दी गई है. दोनों की ओर से दाखिल अलग-अलग ज़मानत अर्जी एनडीपीएस एक्ट स्पेशल कोर्ट ने खारिज़ कर दी. मामले की एफआईआर लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाने में दर्ज हुई थी. शासन ने 12 फरवरी 2024 को मामले की विवेचना एसटीएफ को सौंपी थी. विवेचना के दौरान 8 अप्रैल 2024 को एसटीएफ ने विभोर राणा को पकड़ा था. पूछताछ में विभोर ने बताया था कि शैली ट्रेडर्स का पूरा काम शुभम जायसवाल, वरुण सिंह, विकास सिंह ,गौरव जायसवाल, विकास मल्होत्रा,अमित सिंह टाटा और आलोक सिंह देखते हैं.
About the Author
प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें