कब्ज से मिनटों में मिलेगा छुटकारा, इन तीन बीज का करें इस्तेमाल, पेट भी हो जाएगा साफ
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Health Tips: आज के आधुनिक दौर और भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग कम उम्र में ही कई रोगों के चपेट आ जा रहे हैं. गलत खान-पान, अनियमित दिनचर्या और जंक फूड के कारण पाचन संबंधी समस्याएं जैसे कब्ज, ब्लोटिंग और गैस आदि तो एकदम आम हो गई है. बाद में यही से कई रोग पनप रहे हैं. आइए इसका कारगर घरेलू उपचार जानते हैं…
विशेषज्ञों के मुताबिक, केवल डाइट में हल्का सा बदलाव पेट की कई परेशानियों को काफी कम कर सकती है. खासतौर से फाइबर और ओमेगा-3 से भरपूर बीज (सीड्स) का सेवन पाचन तंत्र को मजबूत बनाकर आंतों की सफाई में मदद करता है. इनमें चिया, अलसी और तुलसी के बीज सबसे असरदार माने जाते हैं.

चिया सीड्स सॉल्यूबल फाइबर से भरपूर होते हैं. पानी में भिगोने पर ये जेल जैसी बनावट ले लेते हैं, जिससे पेट को ठंडक और डाइजेशन में सुधरता होता है. इससे हेल्दी गट बैक्टीरिया को बढ़ावा और कब्ज से राहत मिलती है. यह ब्लोटिंग की समस्या को भी दूर करने में मदद करता है.

ध्यान रहे चिया सीड्स को कभी भी सूखा नहीं खाना चाहिए. इन्हें 20 से 30 मिनट तक पानी में भिगोकर ही सेवन करें. अगर चाहें तो रात में भिगोकर सुबह स्मूदी, ओट्स या नींबू पानी में मिला सकते हैं. सही सेवन से पेट हल्का और पाचन स्वस्थ्य रहता है.

अलसी के बीज भले ही छोटे होते हैं, लेकिन इनके फायदे बहुत बड़े हैं. इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो शरीर के सूजन को कम करने मदद करता है. यह ब्लोटिंग घटाने, हार्मोन संतुलन बनाए रखने और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने में लाभकारी है.

फेमस आयुर्वेदाचार्य डॉ वंदना तिवारी के अनुसार, अलसी के बीज को हमेशा पीसकर ही खाना चाहिए, क्योंकि साबुत अलसी शरीर में पूरी तरह पच नहीं पाती हैं. इसको सलाद, दलिया, दही या स्मूदी में मिलाकर हफ्ते में तीन से चार बार खाया जा सकता हैं. इससे पाचन पेट से जुड़ी परेशानियां कम होती हैं.

तुलसी के बीज को सब्जा सीड्स भी कहा जाता है, यह दिखने में चिया सीड्स जैसे होते हैं. लेकिन स्वाद में हल्के मीठे लगते हैं. इनमें सॉल्यूबल फाइबर अधिक होते हैं, जो डाइजेशन को सही करते है, जिससे एसिडिटी भी कम होता है. यह शरीर को ठंडक प्रदान करता है.

तुलसी सीड्स को पानी या दूध में 15 मिनट भिगोकर खाना फायदेमंद है. इन्हें चिया सीड्स के साथ ओटमील, बादाम दूध या दही में मिलाकर खाना बहुत बेहतर होता है. रोजाना सेवन से न केवल आंतों का स्वास्थ्य सुधरता है, बल्कि त्वचा और बालों के लिए भी लाभकारी है. ध्यान रहे किन्हीं परिस्थितियों तीनों बीज हानिकारक भी हो सकते हैं, इसलिए आयुर्वेद एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें.