कानपुर में जर्मन तकनीक से होगा कूड़े का निस्तारण, गंगा सफाई के लिए शुरू हुई बड़ी पहल
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kanpur news in hindi today: यह सेंटर जापानी तकनीक से लैस है. इसमें एडवांस मशीन लगी है जो कूड़े के निस्तारण करने में और उसको रीसाइकिल करने का काम करेगी….
जर्मन तकनीक से होगा कूड़े का निस्तारण
कानपुर: उत्तर प्रदेश का कानपुर नगर गंगा किनारे बसा एक औद्योगिक शहर है. सिर्फ कानपुर ही नहीं बल्कि तमाम शहरों में कूड़े का निस्तारण वहां की एक बड़ी समस्या है. कानपुर जैसे नगर जहां औद्योगिक क्षेत्र से भी बड़ी मात्रा में कचरा निकलता है. ऐसे में कानपुर नगर निगम के लिए कचरे का निस्तारण करना एक बड़ी चुनौती है. यही वजह है कि कानपुर के पनकी में जो कूड़े के निस्तारण का प्लांट बना हुआ है वहां कूड़े के पहाड़ नजर आते हैं. अब कानपुर को इस समस्या से राहत मिलेगी. अब कानपुर नगर निगम जर्मन की तकनीक के जरिए कूड़े का निस्तारण करने जा रहा है.
इस नई तकनीक से रोज़ाना पांच टन कचरा वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया जाएगा. पनकी के सरायमीता क्षेत्र में बनाए गए मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) सेंटर का उद्घाटन नगर आयुक्त सुधीर कुमार और महापौर प्रमिला पांडेय ने किया. इस सेंटर में जर्मनी की उन्नत तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे कूड़े का सही ढंग से निस्तारण होगा और प्लास्टिक वेस्ट को रिसाइकिल कर उपयोगी वस्तुएं बनाई जाएंगी. इस पहल से न केवल कानपुर शहर की स्वच्छता में सुधार होगा, बल्कि गंगा नदी को प्लास्टिक मुक्त रखने में भी मदद मिलेगी.
ऐसे काम करेगा यह सेंटर
यह सेंटर जापानी तकनीक से लैस है. इसमें एडवांस मशीन लगी है जो कूड़े का निस्तारण करने में और उसको रीसाइकिल करने का काम करेगी. इस केंद्र को मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी नाम दिया गया है. घरों और उद्योगों से इकट्ठा किए गए कचरे को मशीनों से अलग किया जाएगा. प्लास्टिक, कांच, धातु और जैविक कचरे को अलग-अलग किया जाएगा. प्लास्टिक और कांच को दोबारा उपयोग के लायक बनाया जाएगा. बचा हुआ जैविक कचरा खाद के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा.
जर्मनी की तकनीक में क्या है खास
इस सेंटर में उपयोग की जाने वाली मशीनें पूरी तरह ऑटोमैटिक हैं जो तेज़ी और सटीकता से काम करती हैं. जर्मनी के विशेषज्ञों द्वारा विकसित इस तकनीक से कूड़े का निस्तारण अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है. यह तकनीक पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना कचरे का निपटान करने में सक्षम है. जर्मनी ने इस सेंटर के लिए सभी आवश्यक मशीनें और उपकरण निःशुल्क प्रदान किए हैं.
गंगा नदी को मिलेगा फायदा
इस पहल का सबसे बड़ा लाभ गंगा नदी को स्वच्छ बनाए रखना है. प्लास्टिक और अन्य हानिकारक कचरे के सीधे गंगा में बहने की समस्या को इस सेंटर के जरिए रोका जाएगा. सरकार की नमामि गंगे योजना के तहत यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा जिससे गंगा को प्रदूषण मुक्त करने में मदद मिलेगी. यदि यह सेंटर सफल रहता है तो इसे देश के अन्य शहरों में भी लागू किया जाएगा. नगर निगम की योजना है कि इस तकनीक का उपयोग अन्य क्षेत्रों में भी किया जाए ताकि पूरे शहर में स्वच्छता और कचरा निस्तारण की आधुनिक व्यवस्था स्थापित की जा सके.
Kanpur Nagar,Uttar Pradesh
March 13, 2025, 23:34 IST