किडनी से लेकर दर्जनों बीमारियों का काल है खजूर के पत्ते, यहां जानिए इसके फायदे
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Health Benefits of Dates Leaves : खजूर के पत्तों के बारे में कभी आपने सोचा होगा कि यह सेहत के लिए वरदान साबित हो सकते हैं. अगर आपने अब तक नहीं सोचा तो यह जान लीजिए कि खजूर के पत्ते के ऐसे-ऐसे फायदे हैं जिनके बारे में आपने अब तक सुना भी नहीं होगा. आयुर्वेद के डॉक्टर ने बताया कि खजूर के पत्ते सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद होते हैं.आयुर्वेद के अनुसार ये किडनी समस्याओं, पेट के कीड़ों, बवासीर और पेशाब संबंधी बीमारियों में लाभकारी हैं. इनमें एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन-रोधी) और एंटीऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं जो शरीर को फ्री-रैडिकल्स से बचाते हैं और यह नींद व तनाव कम करने में मदद कर सकते हैं.
आयुर्वेद में खजूर के पत्तों के कई फायदे बताए गए हैं. इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और मूत्रवर्धक गुण होते हैं. जो शरीर को डिटॉक्स करने, पाचन सुधारने और विभिन्न बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं. खासकर किडनी की समस्याओं, पेट के कीड़ों, सूजन और मूत्र संबंधी रोगों में खजूर के पत्ते वरदान साबित हो सकते हैं.

आयुर्वेद के डॉक्टर गीतिका शर्मा ने बताया कि खजूर के पत्ते किडनी हेल्थ के लिए फायदेमंद होते हैं. इनमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इफ्लेमेटरी गुण होते हैं. जो किडनी की सूजन को कम करते हैं और रक्त को शुद्ध करते हैं. इसके अलावा, खजूर के पत्ते में पोटैशियम होता है जो रक्तचाप को नियंत्रित करता है.

खजूर और उसके पत्तों का उपयोग पेट के कीड़ों (आंतों के कृमि) को खत्म करने में फायदेमंद माना जाता है. खासकर खजूर के पत्तों का काढ़ा शहद के साथ या खाली पेट खजूर खाने से पेट के कीड़े मरते हैं और पाचन सुधरता है. क्योंकि इनमें फाइबर और टैनिन जैसे गुण होते हैं. जो कृमिनाशक प्रभाव डालते हैं.
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खजूर के पत्ते और फल पारंपरिक रूप से मूत्र संबंधी समस्याओं, जैसे पेशाब कम आना या प्रोस्टेट संबंधी परेशानी में फायदेमंद माने जाते हैं, क्योंकि ये मूत्रवर्धक होते हैं और किडनी रोगों के शुरुआती लक्षणों में मदद कर सकते हैं. खजूर के पत्तों का काढ़ा या शरबत बनाकर सेवन किया जाता है. हालांकि, यह पित्तवर्धक भी हो सकता है. इसलिए पित्त रोगी सावधानी बरतें और किसी भी गंभीर समस्या के लिए डॉक्टर की सलाह आवश्यक है.

खजूर के पत्ते सूजन कम करने के लिए सीधे उपयोग के बजाय, खजूर के फल और उसके एंटीऑक्सीडेंट गुणों को सूजन कम करने में सहायक माना जाता है. वहीं, पारंपरिक चिकित्सा में खजूर के पत्तों के रस या राख का इस्तेमाल घावों, जोड़ों के दर्द और बवासीर जैसी सूजन-संबंधी समस्याओं के लिए किया जाता है. लेकिन इसका उपयोग हमेशा विशेषज्ञ की सलाह से करें, क्योंकि खजूर के बीज और तेल हानिकारक हो सकते हैं और पत्तियों के गलत इस्तेमाल से नुकसान हो सकता है.

खजूर (फल) तनाव कम करने और नींद सुधारने में मददगार है क्योंकि इसमें मैग्नीशियम और पोटैशियम होता है जो मांसपेशियों को आराम देते हैं और यह मेलाटोनिन उत्पादन में मदद करता है जिससे अच्छी नींद आती है. हालांकि, खजूर के पत्ते भी किडनी स्वास्थ्य और शरीर की सूजन कम करने जैसे आयुर्वेदिक फायदे देते हैं. पर खजूर खाते समय मात्रा का ध्यान रखना ज़रूरी है. खासकर पाचन संबंधी समस्या या डायबिटीज में, और देर रात खाने से बचना चाहिए.

खजूर (फल) मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माने जाते हैं क्योंकि इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट सूजन और ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करते हैं. जो अल्जाइमर जैसे न्यूरोडीजेनेरेटिव रोगों के जोखिम को घटाने और याददाश्त व सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं. हालांकि, मानवों पर और अधिक शोध की आवश्यकता है.