किसानों के लिए असरदार टिप्स: खरपतवार को रोके और पैदावार बढ़ाएं, जानिए तरीका
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खेती करने वाला किसान हमेशा चाहता है कि फसल स्वस्थ और पैदावार अच्छी हो, लेकिन खरपतवार अक्सर फसलों को प्रभावित करते हैं. ऐसे में आज हम आपको एक आसान और प्रभावी उपाय बताने जा रहे हैं, जिसे अपनाने से आपके खेतों में, खासकर सब्जियों की फसल वाले खेतों में, कोई भी खरपतवार नहीं उग पाएगा.
सुलतानपुर में कई किसान सब्जियों की खेती करते हैं, लेकिन अनावश्यक खरपतवार उगने की वजह से पौधों को नुकसान होता है. ऐसे में किसानों को उत्पादन में काफी घाटा झेलना पड़ता है. इस खरपतवार को रोकने के लिए किसान मल्चिंग पेपर का उपयोग करते हैं.

मल्चिंग पेपर एक प्रकार की पॉलिथीन होती है, जिसे खेतों में मेड़ी बनाकर उसके ऊपर लगाया जाता है. मेड़ों पर इसे बिछाने के बाद, हर 4 फीट पर पेपर के किनारे पर हल्की-हल्की मिट्टी रखनी चाहिए, ताकि पेपर उड़ न पाए और अच्छे से टिके रहे.

कृषि विशेषज्ञ डॉ. ए.के. सिंह लोकल 18 को बताते हैं कि खेती में मल्चिंग शीट लगाते समय इसे ज्यादा खींचना नहीं चाहिए, क्योंकि खेती के दौरान तापमान बढ़ने और अन्य कामों से यह फट सकती है. गर्मियों में फटने की संभावना अधिक रहती है. यदि आप मल्चिंग पेपर का सुरक्षित उपयोग करें और इसे सही तरीके से रखें, तो इसे कई बार इस्तेमाल किया जा सकता है और यह खरपतवार को उगने से रोकने में मदद करता है.

मल्चिंग पेपर फसल की सुरक्षा के लिए एक शानदार उपाय है. यह खेतों की नमी बनाए रखता है और मिट्टी के कटाव को रोकता है. सही तरीके से इस्तेमाल करने पर, मल्चिंग पेपर खेतों में पौधों के विकास में मदद करता है, क्योंकि इससे अनावश्यक घास और खरपतवार नहीं उगते, और पौधे स्वस्थ और अच्छे तरीके से विकसित होते हैं.

मल्चिंग पेपर खरपतवारों को नियंत्रित करता है और फसल में पानी की खपत भी कम करता है. इसके उपयोग से फसल की पैदावार भी बढ़ती है, क्योंकि मल्चिंग पेपर खेत में अनावश्यक खरपतवार और घास को रोकता है, जिससे पौधे पूरी तरह से विकसित हो पाते हैं.

अगर हम मल्चिंग पेपर की चौड़ाई की बात करें तो 10 से 80 सेमी चौड़ाई वाला पेपर खेती के लिए उपयुक्त माना जाता है. मोटाई फसल पर निर्भर करती है, क्योंकि यह पेपर सब्जियों और फलों के लिए अलग-अलग तरीके से इस्तेमाल होता है. इसके अलावा, मेड़ी की चौड़ाई भी मल्चिंग पेपर के उपयोग को प्रभावित करती है.

फलों की खेती के लिए लगभग 20-40 माइक्रोन मोटी प्लास्टिक फिल्म मल्च उपयुक्त होती है. इसे पौधे के तने के चारों ओर हाथों से लगाया जाता है. यह पेड़ों में फलों के विकास में काफी मदद करती है.

अगर आप सब्जियों और फलों की खेती कर रहे हैं और चाहते हैं कि आपके पौधे खरपतवार से सुरक्षित रहें, तो मल्चिंग पेपर का उपयोग करना चाहिए. एक बंडल मल्चिंग पेपर की कीमत लगभग 2200 रुपए तक होती है.

अगर आप एक बीघे में मल्चिंग पेपर का उपयोग करना चाहते हैं, तो आपको दो बंडल खरीदने पड़ेंगे. सुल्तानपुर में खेती कर रहे हैं तो इसके लिए आपको अयोध्या, लखनऊ जैसे बड़े शहरों तक जाना पड़ सकता है. हालांकि, इसे ऑनलाइन भी मंगाया जा सकता है, लेकिन ऑफलाइन किसी दुकान से खरीदने पर आप वास्तविक रूप से देखकर सही क्वालिटी चुन सकते हैं.