कीमत- 25000000, वजन- 800kg… रत्न जड़ित प्रभु राम की प्रतिमा पहुंची अयोध्या, कर्नाटक से है कनेक्शन
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अयोध्या नगरी में स्थित राम मंदिर की भव्यता लगातार बढ़ती चली जा रही है. अब अयोध्या में राम मंदिर के लिए बेंगलुरु से भगवान राम की तंजावुर शैली की भव्य प्रतिमा भेजी गई है. इस पेंटिंग को पोस्टल सेवा के जरिए 1900 किलोमीटर की यात्रा कर के अयोध्या तक लाया गया है.
अयोध्या: अयोध्या के श्रीराम मंदिर परिसर में आस्था और भव्यता का एक और अध्याय जुड़ने जा रहा है. अब राम मंदिर में अवध के राजा राम की एक और प्रतिमा स्थापित होगी जो कर्नाटक से अयोध्या पहुंच चुकी है. करीब पांच कुंटल वजनी यह दिव्य प्रतिमा विशेष रूप से कर्नाटक से मंगाई गई है. इसे अत्यंत कलात्मक शिल्प और रत्नों से सजाया गया है. यह प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण और भक्ति का केंद्र बनेगी. श्रीराम मंदिर परिसर में संत तुलसीदास मंदिर के समीप अंगद टीला की दिशा में प्रतिमा की स्थापना और अनावरण किया जाएगा. इसके बाद अयोध्या आने वाले राम भक्त अब राम मंदिर में इस प्रतिमा का भी दर्शन कर भाव विभोर होंगे.
भगवान राम की प्रतिमा को 24 कैरेट के स्वर्ण पत्र, माणिक, पन्ना, मोती, मूंगा, हीरा से तंजावुर पेंटिंग शैली में तैयार किया गया है. कर्नाटक से मूर्ति अयोध्या पहुंचने की खबर पाते ही इसे देखने के लिए भक्तों की भीड़ एकत्रित हो गई. जानकारी के मुताबिक, लगभग 10 फीट ऊंची, छह फीट चौड़ी और ढाई फीट गहरे शीशम के फ्रेम में मूर्ति निर्मित की गई है. भगवान राम की इस भव्य पेंटिंग का वजन 800 किलोग्राम है. वहीं, इस पेंटिंग की कीमत 2.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है.
कैसे लाई गयी अयोध्या?
800 किलोग्राम वाली इस मूर्ति को कलाकार डॉ. जयश्री फणीश ने दानस्वरूप डाक विभाग की लॉजिस्टिक के माध्यम से रामनगरी भेजा था. इस प्रतिमा को लगभग नौ माह की साधना व कड़े परिश्रम से तैयार किया है. इससे पहले राम मंदिर के मुख्य गर्भगृह में स्थापित रामलला की मनोहारी प्रतिमा भी कर्नाटक के मैसुरु के कलाकार अरुण योगीराज ने ट्रस्ट के आग्रह पर तैयार की थी, जो 22 जनवरी साल 2024 को प्रतिष्ठित हुई थी.