कृषि एक्सपर्ट ने बताया नीलगाय से फसलों को बचाने का उपाय, ये है फॉर्मूला
Agency:News18 Uttar Pradesh
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Save Crops From Nilgai Tips and Tricks: नीलगाय किसानों के लिए बहुत बड़ा सिरदर्द हैं. किसान इनसे अपनी फसलों को बचाने के लिए तमाम तरह के उपाय अपनाते हैं.
नीलगाय के गोबर और राख से करें पूरे खेत की फसल का बचाव
सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का कुछ इलाका पहाड़ी क्षेत्र से लगता है. यहां शिवालिक के जंगलों से नीलगाय निकालकर किसानों के खेत में लगी फसल को बर्बाद करती हैं. ये फसलों को चरने के साथ ही उसे अपने पैरों से भी बर्बाद करती हैं. इससे किसान काफी परेशान होते हैं. किसान नीलगाय से अपनी फसलों को बचाने के लिए कई तरीके आजमा चुके हैं लेकिन किसानों को अभी तक इसका कोई ठोस और मजबूत उपाय मिला नहीं. नीलगाय खेत में घुसकर फसल को बर्बाद कर देती हैं. हम कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी और प्रोफेसर के जरिए नीलगाय से फसलों को बचाने के उपाय के बारे में आपको बताने जा रहे हैं.
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी और प्रोफेसर डॉक्टर आई. के कुशवाहा नीलगाय से फसलों को बचाने के लिए विभिन्न उपाय बता रहे हैं. इसमें सबसे पहले किसान चूल्हे की राख का इस्तेमाल कर नीलगाय के आतंक से अपनी फसलों को बचा सकते हैं. क्योंकि नीलगाय चूल्हे की राख लगी फसल को नहीं खाती है. इसके साथ ही किसान अपने खेतों की तारबंदी कर सकते हैं. किसान अपनी फसलों के किनारे-किनारे नींबू औऱ करौंदा का पेड़ लगा सकते हैं. इसके साथ ही किसान नीलगाय को खेत में जाने से रोकने के लिए झटका मशीन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इन उपायों का प्रयोग कर किसान नीलगाय से अपनी फसलों को बचा सकते हैं.
ऐसे करें फसलों का बचाव
डॉक्टर आई.के कुशवाहा ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि नीलगाय जंगली जीव है. जंगलों में आसरा ना मिलने के कारण वह खेतों की ओर आ जाते हैं. नीलगाय परिवार के रूप में एक-एक झुंड में रहते हैं तो जब ये किसी खेत में जाते हैं तो वहां की पूरी फसल बर्बाद कर देते हैं. नीलगायों को फसलों में आने से रोकने के कई तरीके हैं जिसमें से एक है राख. चूल्हे की राख का इस्तेमाल अगर आप अपनी फसल में करेंगे तो नीलगाय उस फसल को नुकसान नहीं पहुंचती क्योंकि नीलगाय राख वाली फसल को नहीं खाती. इसके साथ ही खेत के चारों ओर चमकीली पत्ती भी लगा सकते हैं जो रात के समय हवा के कारण हिलती रहती है. इसके डर से नीलगाय खेत में प्रवेश नहीं करती.
Saharanpur,Uttar Pradesh
January 26, 2025, 23:38 IST