कैसा होता है काले हिरण का बच्चा? गाजीपुर में भटकते हुए पाया गया दुर्लभ ब्लैकबक का नन्हा मेहमान
Agency:News18 Uttar Pradesh
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Blackbuck Calf: काला हिरण अपनी तेज स्पीड और बेहतरीन रंग के लिए जाना जाता है. नर हिरण का रंग समय के साथ गहरा होकर काला हो जाता है.इसके लंबे और घुमावदार…
झुंड से बिछड़ा दुर्लभ काले हिरण का बच्चा, गाजीपुर में वन विभाग ने किया रेस्क्यू<
गाजीपुर: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के जमानियां क्षेत्र के रसूलपुर के नेवादा गांव में दुर्लभ काले हिरण (ब्लैकबक) का एक बच्चा अपने झुंड से बिछड़कर आबादी क्षेत्र में भटक गया. करीब पांच दिनों तक यह हिरण गांव के आसपास देखा गया, लेकिन ग्रामीणों ने उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचाया. सोमवार को वन विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया. अधिकारियों के अनुसार, यह बच्चा करीब डेढ़ साल का है और इसका वजन लगभग 12 किलो है.
क्या खास होता है काले हिरण का बच्चा?
काले हिरण को कृष्णमृग भी कहा जाता है. यह अपनी तेज गति और आकर्षक रंग के लिए जाने जाते हैं. जन्म के समय इनके बच्चे हल्के भूरे रंग के होते हैं, जबकि नर हिरण का रंग समय के साथ गहरा होकर काला हो जाता है. नर के वी-आकार के लंबे और घुमावदार सींग 35 से 75 सेंटीमीटर तक बढ़ सकते हैं, जबकि मादा हिरण के सींग नहीं होते. गहरे काले रंग, सफेद धारीदार चेहरे और चमकीली आंखों के कारण ये हिरण की अन्य प्रजातियों से अलग दिखते हैं.
कहां पाए जाते हैं दुर्लभ काले हिरण?
गाजीपुर के डीएफओ के मुताबिक, काले हिरण मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के कैमूर, मिर्जापुर, चंद्रप्रभा (चंदौली), सोनभद्र और प्रयागराज के मेजा तहसील के चांद खमरिया क्षेत्र में पाए जाते हैं. इसके अलावा, गाजीपुर के गंगा तटवर्ती इलाकों में भी इनकी मौजूदगी देखी जाती है। ये हिरण स्वतंत्र जीव हैं और संरक्षण के अभाव में इनकी संख्या लगातार घट रही है.
वन विभाग ने इस हिरण के बच्चे को सुरक्षित जंगल में छोड़ने की योजना बनाई है, ताकि वह दोबारा अपने झुंड से मिल सके. इस घटना से एक बार फिर यह संदेश मिलता है कि दुर्लभ जीवों की सुरक्षा और संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है.
Ghazipur,Uttar Pradesh
January 30, 2025, 22:54 IST