कौन हैं आईएएस अनामिका सिंह, जिन्होंने ले लिया VRS, 2038 तक बची थी सर्विस
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केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय ने यूपी कॉडर की 2004 बैच की आईएएस अधिकारी अनामिका सिंह की वीआरएस के आवेदन को स्वीकार कर लिया है. इस मामले में यूपी सरकार औपचारिक आदेश जारी किया जाएगा, जो कि 30 जनवरी से प्रभावी माना जाएगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति नहीं मिलने से नाराज थीं.
लखनऊः केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय ने यूपी कॉडर की 2004 बैच की आईएएस अधिकारी अनामिका सिंह की वीआरएस के आवेदन को स्वीकार कर लिया है. इस मामले में यूपी सरकार द्वारा औपचारिक आदेश जारी किया जाएगा, जो कि 30 जनवरी से प्रभावी माना जाएगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति नहीं मिलने से नाराज थीं. बता दें कि अनामिका सिंह की सेवाएं 2038 तक थी. इसके बावजूद उन्होंने समय से पहले आईएएस की सर्विस छोड़ने का फैसला लिया है. साल 2025 के दिसंबर महीने में अनामिका सिंह का वीआरएस सार्वजनिक हुआ था.
मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अनामिका सिंह को सितंबर में बरेली का मंडलायुक्त नियुक्त किया गया था. लेकिन बाद में उनका ट्रांसफर रद्द कर उन्हें खाद्य आयुक्त के पद पर बनाए रखा गया. वे केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर जाना चाहती थीं और इसके लिए उन्होंने राज्य सरकार से एनओसी भी मांगा था. हालांकि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की अनुमति न मिलने से वे असंतुष्ट थीं.
दिसंबर के महीने में राज्य सरकार ने उनके वीआरएस आवेदन पर सहमति जताते हुए इसे कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को भेज दिया था. वहां से भी अनामिका सिंह की वीआरएस को मंजूरी मिल गई है. इसके बाद उनके सेवा से अलग होने का रास्ता साफ हो गया है. अनामिका सिंह को एक सशक्त और साफ-सुथरी छवि वाली अधिकारी के रूप में जाना जाता है. अनामिका सिंह उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले की रहने वाली हैं. IAS अनामिका सिंह ने VRS के लिए निजी कारणों का हवाला दिया था.
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें