क्या अयोध्या के मंदिरों में बंद होगा मोबाइल फोन ले जाना? चारधाम के बाद रामनगरी के संतों ने उठाई मांग
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Ayodhya Latest News: चारधाम में मोबाइल फोन को ले जाना पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है. अब अयोध्या के संतों ने भी इसको लेकर मांग उठाई है और सरकार से अनुरोध कर कहा है कि अयोध्या के मंदिरों में भी मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगाया जाए. संतों का कहना है कि कुछ कंटेंट क्रिएटर यहां अश्लील वीडियो बनाते हैं.
अयोध्या: चारधाम यात्रा की तर्ज पर अब देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में भी मोबाइल फोन, कैमरा और रील बनाने पर प्रतिबंध लगाने की मांग तेज हो गई है. उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान मंदिर परिसरों में मोबाइल और कैमरों पर रोक के फैसले के बाद अयोध्या के संत समाज ने भी इसे रामनगरी के मठ-मंदिरों में लागू करने की अपील की है. संतों का कहना है कि धार्मिक स्थलों की मर्यादा और पवित्रता बनाए रखने के लिए यह कदम बेहद जरूरी हो गया है.
महामंडलेश्वर विष्णु दास महाराज ने कहा कि तीर्थ स्थलों पर लोग दर्शन-पूजन के बजाय रील बनाने और वीडियो शूट करने में अधिक रुचि ले रहे हैं. जो पूरी तरह अनुचित है इससे न केवल मंदिर की गरिमा प्रभावित होती है, बल्कि सनातन संस्कृति का भी अपमान होता है. उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निवेदन किया कि जिस तरह उत्तराखंड में प्रतिबंध लगाया गया है, उसी प्रकार अयोध्या के सभी मठ-मंदिरों में भी मोबाइल फोन और कैमरों पर रोक लगाई जाए.
महंत सीताराम दास ने किया समर्थन
साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि कई लोग केवल फॉलोअर्स बढ़ाने और वायरल होने के लिए धार्मिक स्थलों पर रील बनाते हैं. इससे समाज में गलत संदेश जाता है और सनातन परंपराओं की मर्यादा तार-तार होती है. उन्होंने सरकार से सख्त नियम बनाने की मांग की, ताकि आस्था के केंद्रों का दुरुपयोग न हो सके.
पवित्र नगरों में पूर्ण प्रतिबंध हो मोबाइल फोन
वरुण दास ने बताया कि अयोध्या में कई बार श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं के स्नान आदि के वीडियो बनाकर रील तैयार की जाती हैं, जो बेहद आपत्तिजनक है. ऐसे लोगों को धार्मिक मर्यादा का ज्ञान नहीं होता. इसलिए अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे पवित्र नगरों में मोबाइल और रील पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए.
धार्मिक स्थलों पर बनाते हैं अश्लील वीडियो
देवेशाचार्य महाराज ने चारधाम में लिए गए निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि आजकल कुछ कंटेंट क्रिएटर धार्मिक स्थलों पर अश्लील और अमर्यादित रील बनाते हैं, जिससे युवाओं में गलत प्रभाव पड़ता है. उन्होंने कहा कि अयोध्या के मठ-मंदिरों में भी दर्शन से पहले श्रद्धालुओं के मोबाइल जमा कराने की व्यवस्था लागू होनी चाहिए.
संत बोले सरकार उठाए कदम
संत समाज का मानना है कि अयोध्या करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, इसलिए यहां अनुशासन और मर्यादा सर्वोपरि होनी चाहिए. सरकार यदि समय रहते कड़े कदम उठाती है तो मंदिरों की पवित्रता सुरक्षित रहेगी और श्रद्धालु शांत वातावरण में प्रभु दर्शन कर सकेंगे.
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