क्या है गंगा में इफ्तार पार्टी का मामला? आरोपियों को कितनी मिलेगी सजा… जानें सबकुछ

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क्या है गंगा में इफ्तार पार्टी का मामला? आरोपियों को कितनी मिलेगी सजा… जानें सबकुछ


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Varanasi Boat Iftar Case: गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी करने वाले 14 युवकों की जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी. सभी को 14 दिन की जेल के लिए भेज दिया. जमानत पर अब अगली सुनवाई जल्द होगी. मगर, अब सवाल उठता है कि आखिर क्या है पूरा मामला और आरोप सिद्ध होने पर कितनी सजा मिल सकती है. आइए जानते हैं सबकुछ…

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गंगा पर इफ्तार पार्टी करने के आरोपी.

वाराणसी: काशी में 16 मार्च को गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी की गई थी. इस दौरान रोजेदारों को फल और मेवे के साथ चिकन बिरयानी भी परोसी थी. इस पूरी इफ्तार पार्टी का वीडियो बनाकर किसी ने सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया था. वीडियो सामने आने पर हिंदूवादी संगठन भड़क उठे. उन्होंने अपनी गंगा मईया का अपमान करने का आरोप लगाया. इस मामले के सामने आते ही 8 घंटे के भीतर पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था. कई दिन बीतने के बाद भी ये मामला फिलहाल शांत नहीं हुआ है. अब इन आरोपियों को एक बार फिर जेल भेज दिया गया है. पहले इन पर हल्की धाराओं में केस दर्ज था, लेकिन अब नाविकों के बयान के आधार पर धाराएं बढ़ाई गई हैं. आइए जानते हैं आरोपियों को कौन सी और कितने समय की सजा मिलेगी.

यह है मामले की टाइमलाइन
गंगा नदी में इफ्तार पार्टी और मांसाहार के बाद अवशेष गंगा नदी में फेंकने के मामले में क्या कुछ हुआ अबतक…

  1. भाजयुमो महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल की ओर से केस दर्ज कराया गया.
  2. 16 मार्च को मामला दर्ज हुआ था.
  3. इस मामले में 14 आरोपियों की पहचान हुई.
  4. कोतवाली पुलिस ने 17 मार्च को सभी को गिरफ्तार कर लिया.
  5. शांतिभंग की आशंका में इन आरोपियों को जिला जेल भेज दिया गया.
  6. पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लेने की अपील की.
  7. इस मामले में कोर्ट ने 19 मार्च को जेल में बंद आरोपियों को तलब किया था.
  8. पुलिस आरोपियों को लेकर कोर्ट पहुंची.
  9. एसीजेएम नवम अमित कुमार यादव की कोर्ट में सुनवाई हुई.
  10. जांच के आधार पर आई रिपोर्ट को देखते हुए दो नई धाराओं को जोड़ा गया.
  11. आरोपियों के खिलाफ नाविकों को जान से मारने, नाव को कब्जा में लेने और आईटी एक्ट की धाराओं को बढ़ाया गया है.

फर्जी तरीके से फंसाने की बात
कोर्ट में दोनों पक्षों के वकीलों की दलील हुई. इसमें आरोपियों की ओर से पेश वकील ने फर्जी तरीके से फंसाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि हमारे खिलाफ कोई सबूत नहीं है. वहीं, अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के कृत्य को गंभीर करार दिया. अब आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए 23 मार्च या 1 अप्रैल को सुनवाई हो सकती है. ऐसे में उनकी ईद जेल में ही बीतेगी.

कितने साल की सजा मिलेगी?
आरोपियों के खिलाफ जिन नई धाराओं को जोड़ा है उससे मामला कोर्ट में साबित होने के बाद आरोपियों को 10 साल तक की सजा झेलनी पड़ सकती है. दरअसल, नाविकों ने जबरन इफ्तार के लिए नाव ले जाने का आरोप युवकों पर लगाया है. इसके आधार पर उनके खिलाफ बीएनएस की धारा 308(5) को बढ़ाया गया है. एनबीटी की रिपोर्ट के अनुसार, वाराणसी कोर्ट में वकील नित्यानंद राय ने बताया कि इस केस में टर्निंग पॉइंट नाविक का बयान है. कोर्ट में नाविक का बयान पढ़कर सुनाया गया. इसमें कहा गया कि बिना उनकी इच्छा या मंजूरी के नाव को इफ्तार पार्टी के लिए ले जाया गया. नाव को जबर्दस्ती ले जाए जाने की बात सामने आई. पहले पुलिस ने गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी मामले में हल्की धाराओं में केस दर्ज किया था. नाविकों के बयान के आधार पर बीएनएस की धारा 308(5) को बढ़ाया गया है. इसके तहत 10 साल की सजा तक का प्रावधान है.

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काव्‍या मिश्रा

Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें



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