क्या है पुलस्त तिवारी का एनकाउंटर? जिसमें 8 पुलिसकर्मी कोर्ट में होंगे पेश, फर्जी का दावा
Last Updated:
पुलस्त्य तिवारी कथित फर्जी एनकाउंटर मामले में आरोपी 8 पुलिसकर्मियों को 19 जनवरी को हाईकोर्ट लखनऊ बेंच ने तलब किया है. कोर्ट ने आईजी स्थापना को आरोपी पुलिसकर्मियों की कोर्ट में मौजूदगी सुनिश्चित कराने का आदेश दिया है.
लखनऊः पुलस्त्य तिवारी कथित फर्जी एनकाउंटर मामले में आरोपी 8 पुलिसकर्मियों को 19 जनवरी को हाईकोर्ट लखनऊ बेंच ने तलब किया है. कोर्ट ने आईजी स्थापना को आरोपी पुलिसकर्मियों की कोर्ट में मौजूदगी सुनिश्चित कराने का आदेश दिया है. पुलस्त्य तिवारी की मां मंजुला तिवारी की याचिका पर हाईकोर्ट ने आदेश दिया है. याचिका के मुताबिक 9 अगस्त 2020 को इंस्पेक्टर महेश दुबे और सिपाही मोहित सोनी पुलस्त्य को घर से ले गए थे.
याचिका में फर्जी एनकाउंटर का था दावा
अगले दिन फर्जी मुठभेड़ दिखाते हुए उसके पैर में गोली मार दी थी. पुलिस टीम पर हमले का आरोप लगाते हुए पुलस्त्य की गिरफ्तारी दिखा दी. याचिका में दावा किया गया कि पुलस्त्य को घर से ले जाने के वीडियो,ऑडियो सबूत हैं. मामले में निचली अदालत के आदेश के बाद आशियाना थाने में एफआईआर भी दर्ज हुई थी. लेकिन पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी.
अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी
फ़ाइनल रिपोर्ट को निचली अदालत ने स्वीकार कर लिया जबकि मुठभेड़ के फर्जी होने के सबूत हैं. इस पर हाईकोर्ट ने कृष्णा नगर थाने के तत्कालीन प्रभारी महेश दुबे ,आशियाना थाने के तत्कालीन एसएचओ संजय राय,हेड कांस्टेबल समीर जावेद खान,सगीर खान. कांस्टेबल मोहित सोनी,बलवंत कुमार,सौरभ कुमार,राकेश सिंह को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया. मामले की अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी.
क्या था पूरा मामला
दरअसल, यह पूरा मामला साल 2020 का है. 9 अगस्त को लखनऊ के आशियाना इलाके में पुलस्त तिवारी का एनकाउंटर हुआ था. पुलस्त तिवारी के परिवार ने तमाम सबूतों के साथ पुलिस के इस एनकाउंटर को फर्जी बताया था. पुलस्त तिवारी के परिजनों का आरोप है कि 9 अगस्त को पुलस्त को उसके गाजीपुर स्थित घर से उठाया था. देर रात तक परिवार उसकी तलाश करता रहा. आशियाना से लेकर कृष्णा नगर थाने तक परिवार ने चक्कर काटे थे. पुलिस कमिश्नर लखनऊ सुजीत पांडे को फोन कर पूरी घटना की जानकारी भी दी. लेकिन सुबह पता चला कि पुलस्त तिवारी का एनकाउंटर हो गया.
About the Author
प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें