खांसी, डाइजेशन और एसिडिटी के लिए ‘संजीवनी’ है लकड़ी का यह टुकड़ा, चेहरे के लिए इसका पाउडर भी है बेस्ट

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खांसी, डाइजेशन और एसिडिटी के लिए ‘संजीवनी’ है लकड़ी का यह टुकड़ा, चेहरे के लिए इसका पाउडर भी है बेस्ट


Agency:News18 Uttar Pradesh

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Mulethi Khane ke fayde: प्रकृति ने इंसानों को तमाम तरह के पेड़-पौधे, फल-फूल और अन्य वनस्पतियां दिए हैं. इनमें से कई पेड़-पौधे ऐसे हैं जिनके छाल, लकड़ी, फल औऱ फूल तमाम रोगों में बहुत लाभदायक होते हैं.

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मुलेठी

आजमगढ़: भारतीय औषधि पद्धति आज भी उतनी ही कारगर है जितना की प्राचीन समय में हुआ करती थी. प्राचीन समय में हर रोगों का उपचार जड़ी बूटियां से होता था और शरीर स्वस्थ रहता था. आज भी कई ऐसी आयुर्वेदिक औषधि या जड़ी बूटियां मौजूद हैं जो कई तरह के रोगों से अकेले ही राहत दिला सकती हैं. आज हम आपको एक ऐसी ही जड़ी-बूटी के बारे में बताने जा रहे हैं जो किसी संजीवनी से कम नहीं है. इस छोटी सी जड़ी बूटी का इस्तेमाल कई तरह के रोगों को ठीक करने में किया जा सकता है.

गले की खराश के लिए बेहद उपयोगी
हम बात करेंगे मुलेठी के औषधीय गुणों के बारे में. मुलेठी एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है जिसका उपयोग कई रोगों को दूर करने के लिए किया जा सकता है. लोकल18 से बात करते हुए आयुर्वेदिक दवाओं के सलाहकार डॉ आशीष गुप्ता बताते हैं कि मुलेठी एक बेहतरीन औषधि है. यह शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचा सकती है. यह कई तरह के रोगों से शरीर को दूर कर सकती है. मुलेठी का सेवन आमतौर पर काढ़े के रूप में किया जाता है जो गले की खराश को ठीक करने के लिए भी उपयोगी है.

दादी-नानी के नुस्खे वाली दवाई
मुलेठी को खांसी-खराश और पाचन समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए उपयोग किया जाता है. यह खांसी के लिए एक रामबाण दवा होती है. मुलेठी के इस्तेमाल से पुरानी से पुरानी खांसी को भी जड़ से खत्म किया जा सकता है. डॉ आशीष बताते हैं कि मुलेठी का काढ़ा और चाय शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है. प्राचीन समय में भी मुलेठी का उपयोग दादी-नानी के नुस्खे के रूप में भी किया जाता रहा है.

फेस पैक बनाकर भी कर सकते हैं इस्तेमाल
डॉ आशीष बताते हैं कि यदि कोई व्यक्ति काढ़ा बनाकर पीने में असमर्थ है तो वह मुलेठी के टुकड़े को मुंह में रखकर चबा भी सकता है. यह बेहद फायदेमंद होता है. इसके अलावा पाचन के लिए मुलेठी पाउडर को गुनगुने पानी या छाछ में मिलाकर पीने से पाचन तंत्र मजबूत होता है. यह पाचन संबंधी समस्याओं जैसे एसिडिटी, अल्सर और पेट दर्द में बेहद फायदेमंद है. यह पेट की अंदरूनी परत को सुरक्षित करता है और एसिडिटी को कम करता है. मुलेठी पाउडर को दूध या गुलाबजल के साथ मिलाकर फेस पैक भी बनाया जाता है.

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खांसी, डाइजेशन और एसिडिटी के लिए ‘संजीवनी’ है लकड़ी का यह टुकड़ा, हैं कई फायदे

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



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