खान-पान की कमी से बढ़ा एनीमिया का खतरा, चपेट में आ रहीं गर्भवती महिलाएं

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खान-पान की कमी से बढ़ा एनीमिया का खतरा, चपेट में आ रहीं गर्भवती महिलाएं


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Lakhimpur Kheri News: जिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगातार प्रतिदिन एनीमिया के मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है. संतुलित आहार न लेने से पेट में कीड़े होने अथवा शरीर में आयरन की कमी होने लगती है और लोग एनीमिया से ग्रस्त हो जाते हैं. डॉक्टर ने इससे बचने के कुछ उपाय बताए हैं.

लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में लगातार एनीमिया के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. बदलते खान-पान के कारण गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की समस्या सबसे अधिक देखी जा रही है. ऐसे में जिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगातार प्रतिदिन एनीमिया के मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है. संतुलित आहार न लेने से पेट में कीड़े होने अथवा शरीर में आयरन की कमी होने लगती है और लोग एनीमिया से ग्रस्त हो जाते हैं. इससे गर्भवती महिलाओं का शरीर कमजोर होकर पीला पड़ने लगता है, शरीर जल्दी थक जाता है.

प्रतिदिन 10 से 15 गर्भवती महिलाएं एनीमिया का शिकार

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिजुआ में तैनात डॉक्टर नसीमुद्दीन ने लोकल 18 से बातचीत करते हुए बताया कि इस समय प्रतिदिन 10 से 15 गर्भवती महिलाएं एनीमिया जैसी समस्याएं से जूझ रही हैं. वहीं कुछ किशोरियों में एनीमिया जैसी समस्या देखी जा रही है. ऐसे में एनीमिया से जूझ रही गर्भवती महिलाओं की खून की जांच स्वास्थ्य केंद्र पर निशुल्क की जाती है.

ऐसे में गर्भवती महिलाएं समय पर जांच करते रहें. गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में रक्त की आवश्यकता बढ़ जाती है. ऐसे में यदि पर्याप्त पोषण और आयरन नहीं मिल पाता, तो खून की कमी हो जाती है. गंभीर मामलों में समय से पूर्व प्रसव, कम वजन के शिशु का जन्म और अन्य जटिलताएं भी सामने आ सकती हैं.

इन बातों का रखें ध्यान

डॉ. नसीमुद्दीन ने जानकारी देते हुए बताया कि गर्भवती महिलाएं हरे पत्तेदार सब्जियां, दाल व गुड़ चना, ताजे फल आहार में शामिल करें, जिससे काफी हद तक एनीमिया की समस्या से राहत मिल सकती है. ऐसे में गर्भवती महिलाएं सबसे अधिक चुकंदर का इस्तेमाल करें. चुकंदर का हलवा बनाकर भी खा सकती हैं. अगर आप भी एनीमिया जैसी समस्या से परेशान रहते हैं, तो पालक बहुत ही फायदेमंद मानी जाती है. शरीर में किसी भी प्रकार की परेशानी को नजर अंदाज न करते हुए तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी होता है.

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आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.



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