खुदाई के बाद ऐसे स्टोर करें लहसुन, न होगा पीला, न सूखेगी कलियां, दाम भी मिलेगा सही
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Garlic Storage Tips for Farmers: अगर आपने भी लहसुन की खुदाई कर ली है. पर उसे सड़ने और सूखने से बचाने का सही तरीका जानते हैं. तो हम आपको कुछ खास ततरीके बताएंगे. दरअसल, भंडारण की गलत पद्धति लहसुन की चमक फीकी कर देती है, जिससे मंडियों में किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है. जिला कृषि रक्षा अधिकारी विजय कुमार ने बताया है कि कैसे सूती कपड़े की पोटली, मचान विधि और डंठलों के साथ भंडारण करने जैसे देसी नुस्खे आपके लहसुन को महीनों तक ताजा रख सकते हैं. जानिए वो सीक्रेट ट्रिक्स जिनसे लहसुन की कलियां नहीं सूखेंगी और आपको फसल का सबसे बेहतरीन दाम मिलेगा.
लहसुन की फसल पककर तैयार होने के बाद सबसे बड़ी चुनौती उसके भंडारण की होती है. अक्सर देखा जाता है कि किसान खुदाई के बाद लहसुन को घर में खुले में रख देते हैं, जिससे गर्मी के कारण लहसुन की कलियां सूखने लगती हैं और उनका रंग पीला पड़ जाता है. इस पारंपरिक लापरवाही की वजह से लहसुन की गुणवत्ता खराब हो जाती है और किसानों को बाजार में सही दाम नहीं मिल पाता. लेकिन कुछ आसान और देशी तकनीकों को अपनाकर लहसुन को कई महीनों तक ताजा और वजनदार बनाए रखा जा सकता है. सही तरीके से स्टोर किया गया लहसुन न केवल बीज के लिए अच्छा होता है, बल्कि बाजार में भी ऊंची कीमत दिलाता है.

आमतौर पर किसान लहसुन को खोदने के बाद बिना किसी खास इंतजाम के रख देते हैं. गर्मी और सीधे हवा के संपर्क में आने से लहसुन का कंद (गांठ) अपनी नमी खोने लगता है. इससे लहसुन हल्का हो जाता है और उसकी कलियां मुरझा जाती हैं. गुणवत्ता खराब होने के कारण व्यापारियों से सही भाव नहीं मिलता, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर जाता है.

गर्मी के दिनों में सूती कपड़ा लहसुन को ठंडक पहुंचाने और हवादार रखने का बेहतरीन जरिया है. लहसुन को स्टोर करने के लिए सूती कपड़े को 2-3 बार फोल्ड करें. इसके बाद इसमें लहसुन को भरकर एक ढीली पोटली बना लें. इस पोटली को किसी ठंडी और सूखी जगह पर रखने से लहसुन लंबे समय तक ताजा बना रहता है और सूखता नहीं है.
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लहसुन को खुरपी से खोदने या हाथ से उखाड़ने के बाद, उसकी कुछ गांठों को उनकी पत्तियों के साथ मिलाकर छोटे-छोटे गुच्छों में बांध देना चाहिए. इन गुच्छों को 2-3 दिन तक हल्की धूप में रखें. जब पत्तियां और बाहरी छिलका अच्छी तरह सूख जाए, तब इन्हें छायादार जगह पर रखें. इस प्रक्रिया से लहसुन के अंदर की नमी बरकरार रहती है.

लहसुन को उसके पौधों (डंठल) के साथ रखना सबसे सुरक्षित माना जाता है. इसके लिए करीब 3 फीट लंबे पौधों के साथ ही कंद को रहने दें. जिस कमरे में इसे रखा जाए, वहां हवा आने-जाने का अच्छा इंतजाम होना चाहिए. इस तरह रखने से न केवल कंद खराब होने से बचते हैं, बल्कि अगर आप इसे बीज के रूप में इस्तेमाल करते हैं, तो पैदावार की क्षमता भी बढ़ जाती है.

लहसुन को सुरक्षित रखने के लिए 10 से 12 लहसुन के डंठलों को एक साथ बांधें और फिर उन्हें रस्सी की मदद से किसी ठंडी और अंधेरी जगह पर लटका दें. लटकाते समय ध्यान रखें कि लहसुन का बल्ब (नीचे वाला हिस्सा) नीचे की तरफ रहे. यह तरीका बंद कमरों के लिए सबसे ज्यादा असरदार साबित होता है क्योंकि इससे हर गांठ को पर्याप्त हवा मिलती है.

आप लहसुन को एक उभरी हुई जाली या स्क्रीन पर एक परत में फैलाकर भी रख सकते हैं. इससे लहसुन के नीचे से भी हवा पास होती रहती है, जिससे कलियों में सड़न पैदा नहीं होती. यह तरीका उन किसानों के लिए अच्छा है जिनके पास बड़ी मात्रा में लहसुन है और वे उसे लटकाने की स्थिति में नहीं हैं.

जिला कृषि रक्षा अधिकारी विजय कुमार बताते हैं कि गर्मी के मौसम में तापमान बढ़ने से कलियां सिकुड़ने लगती हैं. इसलिए भंडारण वाली जगह पर सीधी धूप नहीं आनी चाहिए. नमी और तापमान का सही संतुलन रखने से लहसुन का वजन कम नहीं होता और उसकी चमक बनी रहती है, जिससे मंडी में इसकी मांग हमेशा ज्यादा रहती है.

भंडारण शुरू करने से पहले सबसे जरूरी काम यह है कि आप कटे-फटे, बीमार या चोटिल लहसुन की गांठों को स्वस्थ गांठों से अलग कर लें. अगर एक भी लहसुन सड़ना शुरू होता है, तो वह पूरी पोटली या ढेर को खराब कर सकता है. इसलिए केवल स्वस्थ और पूरी तरह सूखी हुई गांठों को ही लॉन्ग-टर्म स्टोरेज के लिए चुनें.