गन्ने के लिए बेस्ट हैं जल्दी तैयार होने वाली ये किस्में, होगी इतनी पैदावार चौंक जाएंगे किसान
Agency:News18 Uttar Pradesh
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Sugarcane Farming : फरवरी महीने में किसान इस विधि से गन्ने की इन किस्मों की फसल उगाएं. दो लाइनों के बीच में बचने वाली दूरी में दूसरी फसल उगाकर भी गन्ने की फसल पर आने वाले खर्च का एक बड़ा हिस्सा निकाला जा सकता ह…और पढ़ें
गन्ने की फसल
हाइलाइट्स
- फरवरी में गन्ने की बसंत कालीन बुवाई करें.
- ट्रेंच विधि से गन्ने की फसल में कम लागत, अच्छा उत्पादन.
- लाल सड़न रोधी किस्में चुनें, 0238 का उपयोग न करें.
शाहजहांपुर. नकदी फसल होने के कारण गन्ना हमेशा से किसानों का फेवरेट रहा है. अगर इसे सही तरीके से उगाया जाए तो किसान अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं. किसान भाई फरवरी महीने में बसंत कालीन गन्ने की बुवाई कर अच्छा उत्पादन ले सकते हैं. गन्ने की बुवाई के लिए फरवरी का महीना सबसे अच्छा माना जाता है. हालांकि गन्ने की फसल की बुवाई करते समय कुछ बातों को ध्यान रखना जरूरी है. इस मौसम में परंपरागत तरीके से गन्ने की फसल बिल्कुल भी न लगाएं. अगर वैज्ञानिक विधि से गन्ने की फसल लगाई जाए तो कम लागत में अच्छा उत्पादन मिलेगा.
इस विधि से उगाएं
उत्तर प्रदेश गन्ना शोध संस्थान के प्रसार अधिकारी डॉ. संजीव कुमार पाठक कहते हैं कि किसान अक्टूबर के महीने में भी गन्ने की फसल की बुवाई करते हैं. लेकिन फरवरी गन्ने की बसंत कालीन बुवाई के लिए सबसे अच्छा मौसम है. अगर किसान ट्रेंच विधि से फरवरी महीने में गन्ने की बुवाई करते हैं तो कम लागत में अच्छा मुनाफा मिलेगा. दो लाइनों के बीच में बचने वाली जगह में किसान सहफसली उगाकर गन्ने की फसल पर आने वाले खर्च का एक बड़ा हिस्सा निकाल सकते हैं.
नहीं गिरेगी फसल
ट्रेंच विधि से गन्ने की फसल गिरने की संभावना कम रहती है. ट्रेंच विधि से गन्ने की बुवाई करने से किसानों को अच्छा उत्पादन मिलेगा, लेकिन बुवाई से पहले खेत की जुताई करना जरूरी है. किसान की गहरी जुताई कर मिट्टी को भुरभुरी बना लें. उसके बाद ट्रेंच डिगर से एक फीट चौड़ी और 20 से 25 सेंटीमीटर गहरी नाली बनाकर एक से दो आंख वाले टुकड़ों की बुवाई कर सकते हैं. ट्रेंच विधि से गन्ने की बुवाई करने से दो लाइनों के बीच में पांच से छह फीट की दूरी बचती है. इसमें किसान सहफसली उगा सकते हैं. सहफसली की फसल के बाद गन्ने की निराइ-गुड़ाई करना भी आसान होता है.
इन किस्मों का चुनाव
गन्ने की बुवाई करते समय लाल सड़न रोधी किस्म की बुवाई करनी चाहिए. हाल ही में प्रतिबंधित की गई को 0238 किस्म की बुवाई बिल्कुल भी न करें. किसान भाई को.शा. 13235, को.शा. 17231, को.शा. 18231, को.लख. 16202 और को.लख. 14201 की बुवाई कर सकते हैं. ये सभी नई और अगेती किस्में हैं.
ऊसर जमीन की किस्में
किसान भाई सामान्य किस्मों की बुवाई भी कर सकते हैं, जिसमें को.शा. 16233, को.शा. 13452 प्रमुख हैं. ये किस्म भी किसानों को कम लागत में अच्छा उत्पादन देती हैं. अगर आप ऊसर जमीन में गन्ने की फसल उगाना चाहते हैं तो किस्म का चुनाव सबसे अहम है. ऊसर जमीन में हर किस्म को नहीं उगाया जा सकता. इसके लिए यूपी 14234 और को.शा. 14233 अच्छी मानी जाती है.
Shahjahanpur,Uttar Pradesh
February 07, 2025, 18:05 IST