गर्मीयों में पौधों में फल-फूल नहीं आ रहे? अपनाएं ये आसान गार्डनिंग टिप्स, बढ़ेगी ग्रोथ!
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भीषण गर्मियों में पौधों को स्वस्थ रखने के लिए सही समय पर सिंचाई, मिट्टी में पोषण और पौधों की नियमित देखभाल बेहद जरूरी होती है. शाम के समय पानी देना, समय-समय पर गोबर की खाद डालना और जरूरत पड़ने पर पनीर के पानी व दूध के घोल का छिड़काव करने से पौधों की ग्रोथ बेहतर होती है और उनमें फल-फूल भी अच्छी तरह आने लगते हैं.
गार्डन की देखरेख में सबसे अहम रोल सिंचाई का होता है, अगर आप डायरेक्ट मिट्टी में क्यारी बनाकर गार्डनिंग करते हैं तो सिंचाई की थोड़ी अधिक आवश्यकता पड़ती है और अगर गमले में गार्डनिंग करते हैं तो सिंचाई की थोड़ी उससे कम आवश्यकता पड़ती है. इसके अलावा मिट्टी में नमी को उंगली से माप कर हाथों से देखकर गमले में सिंचाई करनी होती है. खासकर भीषण गर्मी में पौधों को पानी की अधिक आवश्यकता होती है ऐसे में पानी देने का हमेशा समय शाम के समय का रखना होता है. अक्सर लोग गलतियां कर देते हैं और पानी सुबह या दोपहर में दे देते हैं, जबकि गार्डन को पानी देने का सही समय सूरज ढलने के बाद का होता है. सूरज ढलने के बाद जब पेड़ों की हिटिंग निकल जाए उसके बाद ही पानी देना चाहिए. कई बार हीटिंग मौजूद होने पर ही पानी देने पर पेड़ जल जाते हैं और उनमें सही से फल फूल नहीं आते हैं, इसलिए इस बात का ध्यान रखकर आप अपने गार्डन को स्वस्थ रख सकते हैं.

बहुत सारे लोग पानी तो समय-समय पर देते हैं लेकिन बावजूद इसके भी उनके पौधे सही से ग्रोथ नहीं करते हैं. जिसके कारण एक वक्त के बाद उनमें वृद्धि होना भी रुक जाती है ऐसे लोगों को यह जानना बेहद जरूरी है कि लंबे समय से मिट्टी में न्यूट्रिशन ना मिलने पर उसकी उर्वरक क्षमता कम हो जाती है. ऐसे में समय-समय पर गमले में या की क्यारी में गोबर की खाद न्यूट्रिशन समय-समय पर देते रहना चाहिए. यह भी हमारे गार्डनिंग में बहुत अहम रोल प्ले करता है इससे हमारे पौधे स्वस्थ रहते हैं.

अगर आप पौधों की देखरेख अच्छे से कर रहे हैं सिंचाई भी समय पर हो रही है और गोबर की खाद वगैरा भी आप डाल रहे हैं और फिर भी पौधों में वृद्धि नही हो रही ना फल फूल आ रहे, तो इसमें एक उपाय आप अपना सकते हैं. इसमें आप पनीर का पानी और कच्चे दूध में पानी मिलाकर छिड़काव कर सकते हैं, इससे पौधे में ग्रोथ फिर से होने लगती है और फल फूल भी आना शुरू हो जाते है. इस विधि को अपना कर अपने पौधों में फल फूल की समस्या आप दूर कर सकते हैं.
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गार्डनिंग टिप्स करने वाले को सबसे पहले नर्सरी से पौधा लाते समय यह देखना बहुत आवश्यक होता है कि जिस पौधे को वह ला रहे हैं वह स्वस्थ है कि नहीं. अगर उनका पौधा स्वस्थ रहता है तो अच्छे से वर्मी कंपोस्ट खाद को मिट्टी में मिलाकर गमले या की क्यारी में पौधे को लगा दें. समय-समय पर सिंचाई करते रहें, फल फूल आने पर उसको तोड़े नहीं कई बार ऐसा होता है फल फूल आने पर जब लोग तोड़ देते हैं तो दोबारा उसमें फल फूल आना बंद हो जाता है. यह गर्भावस्था की तरह होता है जब पौधे गर्भधारण करते हैं यानी कि फल फूल बनाते हैं उनको तोड़ दिया जाता है तो उनकी प्रवृत्ति चेंज हो जाती है. उन्हें ऐसा लगता है कि फल फूल देने की आवश्यकता नहीं है और फिर वह इस माहौल में ढल जाते हैं और ऐसे ही बड़े होने लगते हैं. तो इन बातों का भी बेहद ध्यान रखें, शुरुआती दौर में फल फूल को ना तोड़े जब तक वह पूरी तरीके से तैयार ना हो जाए.

आजकल कृषि क्षेत्र में तमाम ऐसे एप्लीकेशन आने लगी हैं, जिनका इस्तेमाल करके आप अपने पौधों की जानकारी खाद पानी सारी जानकारी आप ले सकते हैं. इसके अलावा अगर आप किसी पौधे की नर्सरी करते हैं या गार्डनिंग करते हैं तो इसके लिए उद्यान विभाग या फिर जिले में मौजूद कृषि विज्ञान केंद्र बना हुआ है, जहां पर आप जाकर संपूर्ण जानकारी ले सकते हैं. यहां पर आपको पौधे को लगाने से लेकर पौधों की वृद्धि तक और लंबे समय से देखरेख तक सारी जानकारी कुशल वैज्ञानिकों द्वारा दी जाती है. इन बातों का ध्यान रख भीषण गर्मियों में भी आप अपने पौधों को स्वस्थ रख सकते हैं.