गिरधारी हजारों बरातियों संग राधा चले ब्याहने, ब्याहुवा उत्सव पर बैंड बाजों पर जमकर थिरके भक्त
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Mathura news: राधा रानी के धाम बरसाना में गिरधरलाल जू की बारात जैसे ही पहुंची, तो बरसाना वासी बारातियों को बधाई देते हुए नजर आए. हजारों की संख्या में पहुंचे गिरधरलाल जू के बारातियों का बरसाना वासियों ने भव्य स्वागत किया.
मथुरा: राधा रानी के धाम बरसाना में गिरधरलाल जू की बारात जैसे ही पहुंची, तो बरसाना वासी बारातियों को बधाई देते हुए नजर आए. हजारों की संख्या में पहुंचे गिरधरलाल जू के बारातियों का बरसाना वासियों ने भव्य स्वागत किया. बैंड, बाजा, घोड़े, हाथी और ब्रज के परिधान में बाराती नजर आए. समूचा बरसाना गिरधर लाल के इस ब्याहुला उत्सव में उत्साहित नजर आया.
कहीं कान्हा तो कहीं गोपी के रूप में दिखे
गिरधरलाल जू के पावन ब्याहुला उत्सव ने बरसाना की गलियों को आज पूर्ण रूप से आनंद और भक्ति के रंग में रंग दिया. गाजे बाजे के साथ जब लालजू की भव्य बारात निकली तो मानो पूरा ब्रज उसी लय में झूम उठा. देश के कोने कोने से आए भक्त इस दिव्य क्षण के साक्षी बनने को आतुर दिखे और देखते ही देखते बारात में आस्था का अथाह सैलाब उमड़ पड़ा . बैंड बाजों पर गूंजते भजनों की मधुर धुन पर भक्त स्वयं को थिरकने से रोक नहीं पाए. कोई गोपी बनकर श्रृंगार में सजी दिखी तो कोई सखा के रूप में कान्हा की सेवा में तत्पर नजर आया.
कई श्रद्धालु कान्हा की सास बनकर हंसी ठिठोली के साथ उत्सव में रंग भरते दिखाई दिए. बरसाना की गलियां आज केवल मार्ग नहीं बल्कि भक्ति की जीवंत धारा बन गईं. गिरधरलाल जू के ब्याहुला उत्सव में उमडी यह अपार भीड आस्था की उस शक्ति का प्रतीक बनी जिसने हर आयु और हर प्रांत के भक्तों को एक सूत्र में बांध दिया. जयकारों से गूंजता वातावरण, पुष्पवर्षा में नहाई बारात और भक्तों की चमकती आंखें इस पावन आयोजन को अविस्मरणीय बना गईं. बरसाना आज साक्षी बना उस अलौकिक क्षण का जहां भक्ति, परंपरा और उल्लास एक साथ जीवंत हो उठे.
ब्याहुला उत्सव होता है खास
गिरधर लाल की ब्याहुला उत्सव में शामिल होने आए देश के कोने कोने से भक्तों से जब लोकल 18 की टीम ने बात की तो उन्होंने बताया कि गिरधरलाल का जो ब्याहुला उत्सव है. उसको शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. आज का दिन हम सभी के लिए बेहद खास है. उत्सव का आनंद सभी लोग ले रहे हैं. इस उत्सव में हर कोई शामिल होकर अपने आप को धन्यवाद रहा है. श्रद्धालुओं का कहना है कि जिस तरह से द्वापर की जो छटा है, वह देखने को मिल रही है. गिरधर लाल जी नंदगांव से बरसाना राधा रानी को ब्याने के लिए पहुंचे हैं. ब्याहुला उत्सव में भक्ति और उल्लास का अद्भुत रंग.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें