गेंहू को हीट स्ट्रेस से बचाएगा पोटैशियम का छिड़काव, दानों की चमक के लिए भी ये जरूरी

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गेंहू को हीट स्ट्रेस से बचाएगा पोटैशियम का छिड़काव, दानों की चमक के लिए भी ये जरूरी


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गेंहू को गर्मी से बचाएगा पोटैशियम का छिड़काव, दानों की चमक के लिए भी जरूरी

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Wheat crop care tips : भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान ने गेहूं किसानों के सामने हीट स्ट्रेस की चुनौती खड़ी कर दी है. दाना पकने की इस अवस्था में थोड़ी सी चूक घातक हो सकती है. लोकल 18 ने इस बारे में शाहजहांपुर के कृषि एक्सपर्ट डॉ. एनसी त्रिपाठी से बात की. वे बताते हैं कि किसानों को शाम के समय हल्की सिंचाई और पोटैशियम नाइट्रेट का छिड़काव करना चाहिए. इससे पैदावार की गिरावट रोककर दानों की गुणवत्ता और चमक को सुरक्षित रखा जा सकता है.

शाहजहांपुर. बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी के बीच गेहूं की फसल अब अपने अंतिम पड़ाव यानी ‘पकने की अवस्था’ में पहुंच गई है. ऐसे में किसानों के लिए अगले कुछ दिन बेहद महत्त्वपूर्ण हैं. कृषि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि इस समय प्रबंधन में चूक हुई, तो दानों की गुणवत्ता और वजन दोनों पर बुरा असर पड़ सकता है. गर्मी के कारण खेतों में नमी तेजी से कम हो रही है, जिससे ‘हीट स्ट्रेस’ की समस्या पैदा हो सकती है. फसल को इस प्राकृतिक मार से बचाने के लिए वैज्ञानिकों ने विशेष सिंचाई तकनीक और पोषक तत्वों के छिड़काव की सलाह दी है.

सिंचाई का क्या

लोकल 18 से डॉ. एनसी त्रिपाठी बताते हैं कि वर्तमान में गेहूं की बालियां पूरी तरह बन चुकी हैं और दाना पकने की प्रक्रिया में हैं, लेकिन इन दिनों तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे पौधों को अतिरिक्त नमी की जरूरत है. किसानों को सलाह है कि वे खेतों में हल्की सिंचाई करें ताकि नमी बनी रहे. सिंचाई का समय शाम को ही चुनें ताकि तेज हवाओं से फसल गिरने का डर न रहे. दानों को चमकदार और वजनदार बनाने के लिए पोटैशियम 13:00:45 का छिड़काव लाभकारी होगा, जो फसल की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर उसे गर्मी से लड़ने में मदद करता है.

फसल गिरने का खतरा

बढ़ती गर्मी से गेहूं को बचाने का सबसे प्रभावी तरीका उचित नमी बनाए रखना चाहिए. किसानों को खेत में ‘हल्की सिंचाई’ करनी चाहिए. दिन के समय तेज धूप और हवा चलने के कारण पानी का वाष्पीकरण अधिक होता है और फसल के गिरने का खतरा रहता है. इसलिए, हमेशा शाम के वक्त ही पानी दें. यह न केवल मिट्टी का तापमान नियंत्रित रखेगा, बल्कि पौधों को सूखने से भी बचाएगा. गर्मी के प्रभाव को कम करने और दानों की गुणवत्ता सुधारने के लिए पोटाश का उपयोग जरूरी है. इसके लिए 13:00:45 पोटैशियम नाइट्रेट खाद का तरल छिड़काव करें, जो बेहद फायदेमंद होगा. 1 किलो पोटैशियम नाइट्रेट को 100 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ स्प्रे करने से दाने ‘बोल्ड’ यानी मोटे और चमकदार बनते हैं. यह पोषक तत्व पौधों की कोशिकाओं को मजबूती देता है, जिससे वे उच्च तापमान को बेहतर ढंग से सहन कर पाते हैं.

ये बंपर पैदावार कुंजी

पकती हुई फसल पर गर्मी का सबसे बड़ा खतरा दानों के सिकुड़ने का होता है. अगर समय पर नमी और पोटाश नहीं मिला, तो उपज में 10 से 15% की गिरावट आ सकती है. डॉ. एनसी त्रिपाठी का मानना है कि वैज्ञानिक तरीके अपनाकर किसान न केवल अपनी मेहनत बचा सकते हैं, बल्कि मंडी में अपनी फसल का बेहतर दाम भी पा सकते हैं. सावधानी और सही तकनीक ही इस मौसम में बंपर पैदावार की कुंजी है.

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Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें



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