गोबर में मिला कर डाल दें ये जैविक उत्पाद, पेड़ के पास नहीं भटकेगी दीमक
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Preventing Termites in Mango Trees : आम के पेड़ों में दीमक की रोकथाम के लिए किसान रासायनिक और जैविक दोनों तरीके अपना सकते हैं. इससे पेड़ लंबे समय तक चलते हैं.
आम के पेड़
शाहजहांपुर. पेड़ पौधों के लिए दीमक एक बड़ी समस्या है. दीमक पेड़ पौधों की जड़ों पर हमला कर पेड़ को नुकसान पहुंचाते हैं. कई बार तो पेड़ दीमक की वजह से सूखकर नष्ट हो जाते हैं. ऐसे में जरूरी है कि समय पर दीमक की रोकथाम के लिए उपाय किए जाएं. आम की बात की जाए तो किसानों को साल भर में एक बार ही फसल मिलती है. ऐसे में आम के पेड़ों की बेहतर तरीके से देखभाल करना जरूरी है. आम के पेड़ों की देखभाल करने में की गई जरा सी लापरवाही आपके बगीचे को काफी नुकसान हो सकता है. कई बार आम के पेड़ों में दीमक हमला कर देते हैं, जिससे पेड़ खोखले होकर धीरे-धीरे नष्ट हो जाते हैं. ऐसे में जरूरी है कि आम के पेड़ों की बेहतर तरीके से देखभाल करें. दीमक की रोकथाम करना जरूरी है.
हर तरह के उपाय
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. पुनीत कुमार पाठक कहते हैं कि दीमक एक बड़ी समस्या है. दीमक मिट्टी में बहुत जल्दी तैयार हो जाती है, जो आम के पेड़ों की जड़ों पर हमला करती है. दीमक के हमले के बाद पेड़ की ग्रोथ रुक जाएगी और अगर पेड़ फल दें रहे हो तो उसके उत्पादन पर फर्क पड़ेगा. दीमक की अगर समय पर रोकथाम नहीं की गई तो इसकी वजह से धीरे-धीरे पेड़ खोखला होकर सूख जाएगा. जरूरी है कि दीमक की रोकथाम के लिए किसान समय पर ही जरूरी उपाय कर लें. दीमक की रोकथाम के लिए किसान जैविक और रासायनिक दोनों तरीके के उपाय कर रोकथाम कर सकते हैं.
अगर दीमक तेजी के साथ आम के पेड़ को नुकसान पहुंचा रही है तो रासायनिक उपचार करना बेहतर है. क्योंकि रासायनिक उपचार से जल्द राहत मिल जाएगी. किसान बीमा की रोकथाम के लिए 2- 4 ml क्लोरोपायरिफॉस 50% (CHLORPYRIPHOS 50%) को प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर आम के पेड़ की जड़ में डाल सकते हैं. जिसके लिए किसान आम के जड़ के पास की मिट्टी को खुरपी से खोदने उसके बाद तैयार किए गए इस घोल को आम के पेड़ की जड़ में डाल दें. ऐसा करने से दीमक मर जाएगी और आम के पौधा तेजी के साथ ग्रोथ करने लगेगा.
जैविक तरीका
रासायनिक तरीकों से जल्द रोकथाम हो जाती है. लेकिन जैविक तरीके से भी दीमक की रोकथाम की जा सकती है. जिसके लिए किसान बावेरिया बेसियाना का इस्तेमाल कर सकते हैं. बावेरिया बसियाना एक जैविक उत्पाद है. जिसे गोबर की सड़ी हुई खाद या फिर वर्मीकंपोस्ट में मिलाकर आम की जड़ों में डाल दें. बावेरिया बसियाना और गोबर की सड़ी खाद को मिला लें. उसके बाद आम के जड़ों के आसपास की मिट्टी को खोदकर उसमें तैयार किया गया मिश्रण डाल दें. मिश्रण डालने के बाद हल्की सिंचाई कर दें, दीमक खुद नष्ट हो जाएगी.
Shahjahanpur,Uttar Pradesh
March 15, 2025, 23:47 IST