गोरखपुर और दरभंगा से दिल्ली जाना है, परेशान मत हो, ये स्पेशल ट्रेन है ना!
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Indian Railway News- रेलवे ने इंडिगो क्राइसिस के बीच दिल्ली जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए दो विशेष ट्रेनें चलाने का फैसला लिया है.यात्रियों की मांग और अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए यह कवायद की जा रही है.ये ट्रेनें दरभंगा और गोरखपुर से आनन्द विहार टर्मिनस के लिए चलाई जा रही हैं
गोरखपुर. इंडिगो क्राइसिस के बीच दिल्ली जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए पूर्वोत्तर रेलवे ने दो विशेष ट्रेनें चलाने का फैसला लिया है. यात्रियों की मांग और अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए दरभंगा और गोरखपुर से आनन्द विहार टर्मिनस के लिए ट्रेनें चलाई जा रही हैं. रेलवे ने दोनों ट्रेनों का शेड्यूल जारी कर दिया है.यात्री सुविधाजनक सफर के लिए बुकिंग करा सकते हैं,
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि पहली विशेष ट्रेन 05563/05564 दरभंगा-आनन्द विहार टर्मिनस-दरभंगा एक फेरे के लिए चलेगी. ट्रेन नंबर 05563 दरभंगा से 8 दिसंबर को शाम 18:15 बजे रवाना होगी और अगले दिन रात 21:15 बजे आनन्द विहार टर्मिनस पहुंचेगी. यह ट्रेन समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, हाजीपुर, छपरा, बलिया, गाजीपुर सिटी, वाराणसी, प्रयागराज जंक्शन तथा गोविन्दपुरी जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी. वापसी में ट्रेन नंबर 05564 आनन्द विहार टर्मिनस से 10 दिसंबर को रात 00:05 बजे चलेगी और उसी दिन रात 23:00 बजे दरभंगा पहुंचेगी. इस ट्रेन में कुल 21 कोच होंगे, जिनमें एसी और नॉन एसी ट्रेनें होंगी.
दूसरी विशेष ट्रेन 05591/05592 गोरखपुर-आनन्द विहार टर्मिनस-गोरखपुर दो फेरों के लिए चलेगी. ट्रेन नंबर 05591 गोरखपुर से 8 दिसंबर 2025 को शाम 18:00 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 07:30 बजे आनन्द विहार टर्मिनस पहुंचेगी. यह ट्रेन खलीलाबाद, बस्ती, गोण्डा, बुढ़वल, सीतापुर, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद और गाजियाबाद में रुकेगी. वापसी में ट्रेन नंबर 05592 आनन्द विहार टर्मिनस से 08 और 09 दिसंबर को सुबह 10:00 बजे चलेगी और रात 23:45 बजे गोरखपुर पहुंचेगी. इस ट्रेन में एसी और नॉन एसी कोचों समेत 22 कोच लगाए गए हैं. ये दोनों विशेष ट्रेनें यात्रियों को त्योहारी सीजन में सुरक्षित और आरामदायक यात्रा मुहैया कराएंगी तथा वेटिंग टिकट की समस्या को काफी हद तक कम करेंगी. रेलवे के अनुसार जरूरत के अनुसार ट्रेनों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है. जिससे इंडिगो क्राइसिस के बीच यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े.